Himachal Election: टिकट आवंटन को लेकर CM के जिले में बगावत, निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं BJP के कई नेता

Himachal Election: टिकट आवंटन को लेकर CM के जिले में बगावत, निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं BJP के कई नेता

Himachal Election 2022: अगले महीने हिमाचल प्रदेश के अंदर विधानसभा चुनाव होने है। लेकिन, विधानसभा चुनावों से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर (CM Jai Ram Thakur) के गृह जिले मंडी में टिकट आवंटन को लेकर इस बार असंतोष पैदा हो गया है। चर्चा है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कई नेता निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ सकते है। अगर ऐसा होता है तो यह नेता विधानसभा चुनाव में बीजेपी को खासा नुकसान पहुंचा सकते हैं। क्योंकि, यह नेता पार्टी का वोट काटने का काम करेंगे।

Himachal elections 2022: discontent took place inside BJP leaders in Mandi

पिछली बार मंडी जिले में कांग्रेस पार्टी को खासा नुकसान उठाना पडा था, जिसके चलते प्रदेश में कांग्रेस सरकार नहीं बना पाई। कुछ ऐसा ही माहौल इस बार भारतीय जनता पार्टी का है। बता दें, पिछले दिनों हुए लोकसभा उपचुनाव के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह की चुनावी जीत के साथ ही यहां का सियासी माहौल बदलने लगा था। तो वहीं, अब मंडी में भाजपा के पास कोई कद्दावर नेता नहीं है। जो सबको साथ लेकर चल सके। खुद सीएम जयराम ठाकुर का प्रभाव सिराज तक सीमित रहा है।

मंडी जिले की सुंदर नगर विधानसभा सीट की बात करें, तो यहां पर मौजूदा विधायक राकेश जम्वाल को कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी सोहन लाल से उतना खतरा नहीं है। जितना भाजपा के बागी पूर्व मंत्री ठाकुर रूप सिंह के परिवार से है। यहां उनके बेटे अभिषेक ठाकुर टिकट की दावेदारी जता रहे थे। लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिल सका तो उन्होंने पार्टी से बगावत कर दी, जिससे भाजपा यहां परेशानी में है। ऐसा माना जा रहा है कि अभिषेक ठाकुर यहां से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर सकते है।

वहीं, बल्ह विधानसभा सीट से भाजपा ने दोबारा इन्द्र सिंह गांधी को मैदान में उतारा है। वहीं, करसोग में दीप राज कपूर के तौर पर नया चेहरा मैदान में उतारा है। जिससे विधायक हीरा लाल ने बगावत कर दी है। उन्होंने कहा है कि अगर भाजपा टिकट में बदलाव नहीं करती है तो वह निर्दलीय चुनाव लडेंगे। इसी तरफ सरकाघाट सीट से भाजपा ने मौजूदा विधायक कर्नल इंद्र सिंह का पत्ता काट दिया है। उनकी जगह दलीप ठाकुर मैदान में उतारा गया है। जिससे कर्नल इंदर सिंह नाराज बताए जा रहे हैं।

भले ही कर्नल इंद्र सिंह चुनाव न लड़े, लेकिन वह भाजपा के चुनाव प्रचार से दूर रहेंगे। जोगिन्दर नगर सीट की बात करते तो पिछली बार भाजपा प्रत्याशी गुलाब सिंह ठाकुर को हराने वाले निर्दलीय विधायक प्रकाश राणा को ही भाजपा ने टिकट दिया है। जिससे गुलाब सिंह खासे नाराज बताए जा रहे हैं। गुलाब सिंह ठाकुर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के ससुर है। एक जमाने में प्रदेश भाजपा में उनकी अपनी धाक थी और प्रेम कुमार धूमल सरकार में मंत्री रहे गुलाब सिंह आज पार्टी के नए वातावरण में बेबस नजर आ रहे हैं। यही वजह है कि उन्होंने इस बार अपने आपको राजनीति से दूर रखने का निर्णय लिया है।

धर्मपुर सीट से पूर्व मंत्री महेंद्र सिंह का टिकट काटते हुए उनके बेटे रजत ठाकुर को मैदान में उतारा है। यहां महेंद्र सिंह की राजनीतिक विरासत को लेकर भाई और बहन का आपसी झगड़ा सड़क पर आ गया है। भाजपा ने मौजूदा सरकार में सिंचाई मंत्री महेंद्र सिंह पर लगे आरोपों के चलते उनका टिकट काटते हुए उनके बेटे रजत ठाकुर को टिकट दिया है। तो वहीं, रजत की बहन भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष वंदना गुलेरिया ने खुलकर बगावत कर दी और निर्दलीय चुनाव लड रही हैं।

दरंग सीट से जवाहर ठाकुर का टिकट बदलते हुए उनकी जगह पूर्ण ठाकुर को टिकट दिया है। पूरी उम्र कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व मंत्री ठाकुर कौल सिंह के खास सिपाहसिलार रहे। पूर्ण ठाकुर आज भाजपाई हो गए हैं और भाजपा विधायक जवाहर ठाकुर बागी हो गए हैं। जिससे यहां भाजपा को खासा नुकसान हो रहा है। वहीं, मंडी सदर से पूर्व मंत्री अनिल शर्मा के खिलाफ प्रवीण शर्मा ने बगावत कर दी है। यह पंडित सुखराम की पुश्तैनी सीट है और उनका परिवार ही यहां से चुनाव जीतता रहा है। इस बार अनिल शर्मा को टिकट भी भाजपा काटना चाह रही थी। लेकिन आखिरी समय में पार्टी ने उन्हें टिकट दे दिया। जिससे भाजपा में बगावत हो गई।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि अनिल शर्मा इलाके में उनसे मिलते ही नहीं। निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे भाजपा के बागी प्रवीण शर्मा धूमल और अनुराग ठाकुर के खास सिपहसालार रहे हैं। जिसकी कीमत उन्हें चुकानी पडी है। गुटबाजी के चलते उन्हें टिकट नहीं मिला, तो अब निर्दलीय मैदान में कूद पड़े रहे हैं। जिससे भाजपा प्रत्याशी को खतरा है। नाचन सीट पर विनोद कुमार के खिलाफ भी स्थानीय स्तर पर कोई असंतोष तो नहीं है। लेकिन पार्टी पहले उनका टिकट लगातार चुनाव जीतने की वजह से काटना चाह रही थी। पार्टी को लग रहा था, कि उनके खिलाफ एंटी इनकंबेंसी का मामला हो सकता है। लेकिन एन वक्त पर उन्हें टिकट दिया गया।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+