Himachal Elections 2022: नूरपुर पर BJP ने बदला प्रत्याशी, रणवीर निक्का और अजय महाजन के बीच होगी जंग
Himachal Elections 2022: नूरपुर पर BJP ने बदला प्रत्याशी, रणवीर निक्का और अजय महाजन के बीच होगी जंग
Himachal Elections 2022: नूरपुर विधानसभा सीट पर इस बार कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला होगा। हालांकि, पिछले चुनावों में यहां से भाजपा के राकेश पठानिया (Rakesh Pathania) ने कांग्रेस के अजय महाजन (Ajay Mahajan) को करीब 6 हजार वोटों से शिकस्त दी थी। चुनाव जीतने के बाद राकेश पठानिया, जयराम सरकार में वन मंत्री बने। लेकिन, इस बार भाजपा ने उन्हें नूरपुर के बजाय फतेहपुर सीट से चुनाव मैदान में उतारा है। साथ ही, नूरपुर सीट से उनके धुर विरोधी रणवीर निक्का को भाजपा ने टिकट दिया है।

दरअसल, भाजपा के आंतरिक सर्वे में राकेश पठानिया के यहां से चुनाव हारने का अंदेशा था। इस वजह से उनकी सीट बदली गई और रणवीर निक्का को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। वहीं, कांग्रेस पार्टी ने पूर्व विधायक और पिछला चुनाव हारे अजय महाजन को टिकट दिया है, जिससे दोनों के बीच मुकाबला और रोचक हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी अजय महाजन को राजनीति विरासत में मिली। उनके पिता सत महाजन यहां से पांच बार विधायक रहे। पंजाब के अमृतसर में 12 सितंबर 1958 को जन्मे अजय महाजन ग्रेजुएट हैं, उनके दो बेटे हैं। युवा कांग्रेस से होकर अजय राजनीति में आये और 2012 के चुनावों में पहली बार विधायक बने।
यहां सबसे अधिक तादाद राजपूत मतदाताओं की है। इसके अलावा ब्राह्मण, अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या है। यहां पठानिया और महाजन बिरादरी के मतदाताओं की तादाद अच्छी खासी है और वो चुनाव में भी निर्णायक भूमिका निभाते हैं। नूरपुर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या 82260 है। यहां 50 फीसदी मतदाता राजपूत हैं। 2008 में विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के दौरान नूरपुर में इंदौरा की तीन पंचायतें कट कर नूरपुर में आईं तो नूरपुर की 13 पंचायतें कट कर फतेहपुर में मिलीं। इंदौरा की वरांडा, कंडवाल व रिट पंचायतें नुरपुर में मिलीं। जातिगत समीकरण देखे जायें तो यहां करीब चालीस फीसदी मतदाता राजपूत हैं और 20 फीसदी ओबीसी, 15 फीसदी ब्राहम्ण मतदाता हैं।
यहां अनुसूचित जाति व जनजाति के मतदाता भी हैं। मजेदार बात यह है कि यहां कांग्रेस पार्टी ने कभी भी राजपूत को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया। उधर, राजपूत समुदाय में जब भी पठानिया बिरादरी का नेता मैदान में उतरा वह चुनाव जीत गया। नुरपुर में राजपूत व एससी व एसटी का गठजोड़ राजनिति की दिशा तय करता आया है। पंजाब के पठानकोट से सटे जिला कांगड़ा के नूरपुर का गौरवशाली इतिहास रहा है। नूरपुर किला प्रमुख आकर्षण है, जो 10 वीं शताब्दी में बनाया गया था। किला पठानिया कबीले द्वारा बनाया गया था, जो कि उस समय के दौरान यहां के शासक थे। प्राकृतिक रुप से समृद्ध नूरपुर विधानसभा की सबसे बड़ी समस्या पीने के पानी की है। यहां पर यह समस्या दिन-ब-दिन बड़ी होती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार के चुनाव में पीने के पानी की समस्या बताई जाती है। नेताओं से ढेरों आश्वासन भी मिलते हैं लेकिन काम नहीं हो पाता।
नूरपुर से अभी तक चुने गये विधायक
वर्ष चुने गये विधायक पार्टी संबद्धता
2017 राकेश पठानिया भाजपा
2012 अजय महाजन कांग्रेस
2007 राकेश पठानिया निर्दलीय
2003 सत महाजन कांग्रेस
1998 राकेश पठानिया भाजपा
1993 सत महाजन कांग्रेस
1990 केवल सिंह पठानिया जनता दल
1985 सत महाजन कांग्रेस
1982 सत महाजन कांग्रेस
1977 सत महाजन कांग्रेस












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