बेटे विक्रमादित्य को टिकट दिलाने पर वीरभद्र पर बरसे मंत्री जीएस बाली
शिमला। हिमाचल कांग्रेस में पार्टी अध्यक्ष सुखविन्दर सिंह सुक्खू को साइडलाईन करने के बावजूद तकरार खत्म नहीं हो रही। शिमला में एक ओर वीरभद्र सिंह अपने बेटे के नामांकन के समय राजनिति में उतरने के फैसले को फूले नहीं समा रहे थे, तो दूसरी ओर कांगड़ा जिला के नगरोटा बगवां में वीरभद्र सिंह की सरकार में परिवहन मंत्री जीएस बाली उनके फैसले मीन मेख निकाल कर इसे परिवारवाद में बढ़ावा देने के रूप में देख रहे थे।

परिवहन मंत्री और नगरोटा बगवां से कांग्रेस उम्मीदवार जीएस बाली ने बताया कि उनके बेटे को भी कांग्रेस आलाकमान से टिकट की ऑफर मिल रहा था लेकिन उन्होंने खुद इस आफर को ठुकरा दिया। चूंकि मेरा मानना है कि एक परिवार से एक ही टिकट मिलना चाहिये। बाली ने बताया कि उन्होंने आलाकमान को कहा कि अगर उनके बेटे को टिकट देनी है तो उनको टिकट नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि उनमें से कोई चुनाव लड़ेगा तो दो में से एक ही लड़ेगा। उन्होंने कहा कि हर आदमी का निजी फैसला होता है। अगर वह अपने बेटे को प्रमोट करते रहेंगे तो ठीक नहीं। बाली ने कहा कि सही समय पर उनका बेटा चुनाव जरूर लड़ेगा। लेकिन मैं अपने बेटे की उंगली नहीं पकड़ूंगा, उसे अपने आपको खुद साबित करना होगा।

बाली ने दावा किया कि आने वाले चुनावों में नगरोटा बगवां से कांग्रेस पार्टी ही चुनाव जीतेगी। इसके लिये बाली के पास बाकायदा आंकड़े भी हैं कि कितने वोट किस दल को पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि 50 हजार वोट पड़ेंगे, जिसमें 30 हजार उनके होंगे और बाकी 20 हजार वोट जो उनके खिलाफ खड़े हुए हैं उनको मिलेंगे। उन्होंने कहा नगरोटा विधानसभा में पिछले 20 वर्षों में बेअथाह विकास करवाया है। वह 5वीं बार जीत हासिल कर नगरोटा की जनता की सेवा करेंगे।

उन्होंने कहा कि अबकी बार वह युवाओं के लिए कोचिंग सेंटर, विधवा महिलाओं, अनाथ बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी एक सेंटर खोलेंगे। जिसका संचालन नगरोटा वेलफेयर सोसाएटी के द्वारा किया जाएगा। मीडिया ने जब उनसे पूछा कि क्या कांग्रेस परिवारवाद को बढ़ावा दे रही है तो उन्होंने जवाब में कहा कि अगर आपके कार्यकर्ताओं को ठेस नहीं पहुंच रही और उसने अगर कांग्रेस कार्यकर्ता के तौर पर काम किया है तो आप टिकट दें।
इससे पहले बाली ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ एसडीएम दफ्तर पहुंच कर नामांकन भरा। इस चुनावी प्रचार में हजारों की तादाद में भीड़ दिखाई दी, जिसमें अधिकतम युवा और महिलाएं शामिल थीं। हजारों की भीड़ में सिर्फ दो ही नारे थे कि 'हमारा नेता कैसा हो, जीएस बाली जैसा हो' और प्रदेश का मुख्यमंत्री कैसा हो जीएस बाली जैसा हो। इसके अलावा बाली के बोल उनके समर्थकों और प्रचार अभियान में भी दिखाई दिए। समर्थकों ने ये भी नारा दोहराया कि काम किया है, काम करेंगे-झूठे वायदे नहीं करेंगे। उल्लेखनीय है कि अक्सर बाली के बोल भी यही हैं जिसमें वे कहते हैं कि मैं जो कहता हूं वह करते हैं।












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