हिमाचल में दो बार विधायक रहे मस्तराम ने होटल में की खुदकुशी, मौके से मिला सुसाइड नोट
शिमला, 11 जुलाई। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के करसोग विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक मस्तराम ने सोमवार को सुंदरनगर के एक होटल में आत्महत्या कर ली। मस्तराम दो बार विधायक रहे थे। आत्महत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन इसके पीछे प्रमुख तौर पर परिवारिक कलह बताई जा रही है। हालांकि पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। यह जानकारी मंडी के एएसपी आशीष शर्मा ने दी है।

बताया जा रहा है कि रविवार शाम चार बजे पूर्व विधायक मस्त राम ने सुंदरनगर में एक निजी होटल में कमरा लिया था। रात को खाना खाने के बाद सुबह करीब 10ः30 बजे चाय पी। करीब 12 बजे उन्हें चेकआउट करना था। जब काफी देर तक वह नहीं आए तो होटल प्रबंधक ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। उसके बाद भी कोई रिस्पांस नहीं आया तो दूसरी चाबी से कमरे का दरवाजा खोला तो वह अंदर पंखे से लटके हुए थे जिससे होटल में अफरातफरी फैल गई।
पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट भी बरामद किया है। सुसाइड नोट में विधायक ने लिखा- अपनी मौत का खुद जिम्मेवार हूं, मेरे परिवार को परेशान न किया जाए। बैग में जो 60,000 हैं वह पत्नी को दे दिए जाएं। वहीं पुलिस ने कमरा सील कर दिया है। एफएसएल की टीम भी बुलाई गई है। परिजनों को भी सूचित किया गया है। परिजनों के आने के बाद ही शव को उतारा जाएगा। पुलिस होटल स्टाफ के बयान भी दर्ज कर रही है। मस्तराम 1993 से लेकर 1998 व 2002 से 2007 तक करसोग के विधायक रहे।
उनके पांच बेटे हैं। पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। उनके तीन बेटे थे। एक बेटा सीए , एक लोक गायक व एक दुकानदार है। जबकि दूसरी शादी के बाद दो बेटे हैं। उनकी दूसरी शादी कांग्रेस नेत्री निर्मला चौहान से हुई। उनके दो बेटों में से एक एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।












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