सीएम जयराम ठाकुर ने पहला बजट किया पेश, हर घर में पहुंचेगी एलपीजी
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपना पहला बजट पेश करते हुये प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिये आयु सीमा घटाने, किसानों को सस्ती बिजली और विधायक निधि बढ़ाने का एलान किया व प्रदेश में रामराज्य स्थापित करने की वचनबद्धता दोहराई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भाजपा की जीत के लिए प्रदेश की जनता का आभार जताया। बजट सत्र में सदन की कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी साधना ठाकुर भी मौजूद रहीं जिन्होंने सदन में बैठक कर उनका अभिभाषण सुना। बजट भाषण शुरू करते हुए उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि मुझे ऊंचाइयों पर देख हैरान हैं कुछ लोग, पर उन्होंने मेरे पैरों के छाले नहीं देखे। उन्होंने कहा कि दिल जीतने का प्रयास करेंगे। इस अवसर पर उन्होंने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की 80 वर्ष से आयु घटाकर 70 वर्ष करने का ऐलान किया, जिससे 1.30 लाख लोगों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार हिमाचल सरकार को विशेष श्रेणी राज्य के दर्जे के मुताबिक 90 फीसदी अनुदान दे रही है।

वर्तमान सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने घोषणापत्र का वादा पूरा करते हुए सीएम ऑफिस में गुड़िया और होशियार हेल्पलाइन शुरू की। प्रदेश का कोई भी व्यक्ति इन नंबरों पर कॉल कर अपनी समस्या बता सकता है और उसकी हर संभव मदद की जाएगी। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल सरकार पर 46 हजार 485 करोड़ का कर्ज है क्योंकि कांग्रेस की नीति कर्ज लेने की ही रही है। 2013-2017 के बीच 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज लिया। राज्य की अगले वित्त वर्ष की योजना का आकार 6300 करोड़ रुपए तय किया गया है। आर्थिक चुनौती के बावजूद राज्य में विकास की रफ्तार बढ़ेगी। केंद्र की मदद से विकास को गति देंगे। युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाएंगे। माफिया का सफाया करेंगे और निवेश को बढ़ावा देंगे। साथ ही औद्योगिकीकरण को बढ़ाने के साथ साथ पावर प्रोजेक्ट को भी बढ़ाएंगे।
सीएम ने कहा कि सरकार का हर मंत्री हर जिला में दुर्गम इलाकों में जाकर जन मंच का आयोजन करेगा। सीएम ने अगले वर्ष पांच और कार्यालय ई-आफिस के तहत लाएंगे और कागज रहित कार्य किए जाएंगे। आईटी पार्क पर जल्द कार्य शुरू होगा और इसमें 400 मुख्यमंत्री लोक भवन बनेंगे। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा हलके में एक भवन बनेगा और हर भवन पर 30 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे और इसमें विधायक और सांसद अपनी निधि से भी इसमें अंशदान कर बड़ा सामुदायिक भवन बना सकते हैं। इसके साथ ही विधायक निधि को 1.10 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 1.25 करोड़ रुपए कर दिया गया है। सीएम ने सभी खाद्य आपूर्ति के तहत सस्ती दरों पर मिलने वाले राशन के लिए 220 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

सीएम ने जल से कृषि के लिए बल योजना शुरू की घोषणा की। इसके लिए 250 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। वहीं, सौर सिंचाई योजना को 200 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। सीएम ने कहा कि उत्पादन लागत को कम करने के प्रयास किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि किसानों के लिए बिजली एक रुपए से घटाकर 75 पैसे प्रति यूनिट की जाएगी। सीएम मे कहा कि सरकार जीरो बजट कृषि को प्रोत्साहित करेगी और कृषि व बागवानी में जैविक खेती को बढ़ावा देंगे। जैविक खेती को बढ़ाने को 25 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया जाएगा। जयराम ठाकुर ने बजट अभिभाषण में एपीएल परिवारों को राशन पर सब्सिडी छोडऩे की बात कही है। व बताया कि हिमाचल प्रदेश सरकार के सभी मंत्रियों ने मुख्यमंत्री जयराम के नेतृत्व में हर प्रकार की सब्सिडी छोड़ दी है।
सीएम ने कहा कि जीरो बजट खेती को प्रोत्साहन देना, प्राकृतिक खेती के लिए 25 करोड़ की योजना। हिमाचल प्रदेश की हर पंचायत को सडक़ से जोड़ा जाएगा व इरीगेशन को लेकर सीएम ने कहा कि 5 साल में हर खेत में पानी पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। लघु सिंचाई योजना पर 277 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल गृहिणी सबला योजना शुरू कर रहे हैं। इसमें जो गृहिणी उजवल्ला योजना में शामिल नहीं है उसे लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि 92 फीसदी घरों में एलपीजी गैस पहुंचेगी। हिमाचल सरकार जल्द ही हिमाचल गृहणी सुविधा योजना शुरू करेगी। दो साल में हर घर में एलपीजी होगी। हिमाचल देश का पहला राज्य बनेगा, जहां दो साल में हर घर में एलपीजी पहुंचेगी। व सरकार राम राज्य की कल्पना साकार होगी और फिजूल खर्ची पर सरकार रोक लगाएगी।












Click it and Unblock the Notifications