सीएम वीरभद्र की जमानत याचिका का सीबीआई ने किया विरोध, कहा भ्रष्ट
सीबीआई ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जमानत याचिका का विरोध करते हुएए उनको भ्रष्ट कहा। सीबीआई ने कहा कि मेडिकल के आधार पर उनको जमानत न दी जाए।
शिमला। ही ईज किंग ऑफ द स्टेट इन करप्ट प्रैक्टिस, हिज मेडिकल इशू आर कॉमन सो मेडिकल ग्रांउड शुड नाट बी कंसीनडर्ड। यह टिप्पणी सीबीआई ने दिल्ली की अदालत में वीरभद्र सिंह की जमानत देने का विरोध करते हुए की।

आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने वीरभद्र की जमानत याचिका का विरोध जताते हुए कहा है कि वीरभद्र सिंह को मेडिकल के आधार पर कोई राहत न दी जाये, वह भ्रष्ट हैं। इससे पहले हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र सिंह, पत्नी प्रतिभा सिंह के साथ सोमवार सुबह पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष सीबीआई अदालत में पेश होने पहुंचे तो उनके साथ कोर्ट परिसर में हिमाचल से ताल्लुक रखने वाले मंत्री-विधायकों, विभिन्न बोर्ड के चेयरमैन की भीड़ जुटी रही। वीरभद्र सिंह के साथ उनके पुत्र युवा कांग्रेस अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद थे। पार्टी की तरफ से राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह भी मौजूद रहे।
वीरभद्र सरकार के पांच मंत्री इस वक्त पटियाला हाउस कोर्ट परिसर में मौजूद रहे। इनमें मुकेश अग्निहोत्री, सुधीर शर्मा, सुजान सिंह पठानिया, ठाकुर सिंह भरमौरी व प्रकाश चौधरी शामिल हैं। डिप्टी स्पीकर जगत सिंह नेगी भी मौजूद हैं। वहीं, हर्ष महाजन, यदोपति ठाकुर, इकबाल मोहमद सरीखे नेता भी वीरभद्र के प्रति अपनी आस्था जताने के लिए कोर्ट परिसर में दिखे।
सीबीआई ने आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) तथा भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत अपराध के लिए उकसाना तथा फर्जीवाड़े का मामला दर्ज किया है। प्राथमिक जांच में पाया गया कि साल 2009 से 2012 तक केंद्रीय मंत्री रहते हुए वीरभद्र सिंह ने कथित तौर पर 6.03 करोड़ रुपए की संपत्ति अर्जित की, जो उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक थी।












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