वीरभद्र सिंह की बढ़ी मुश्किलें, एक और चार्जशीट दायर करेगी ED
शिमला। आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय उनके मामले में दो महीने के भीतर नई चार्जशीट दाखिल करने जा रहा है। एडिशनल सेशन जज वीरेंद्र कुमार गोयल की अदालत ने प्रर्वतन निदेशालय को सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने की इजाजत दे दी है।

प्रर्वत्तन निदेशालय ने कोर्ट में दलील दी थी कि मामले की तफ्तीश चल रही है, ऐसे में सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल करने में अभी थोड़ा वक्त और लेगा। इस पर विशेष अदालत ने जांच एजेंसी की याचिका को मंजूर करते हुए उसे दो महीने का वक्त दिया है। प्रर्वत्तन निदेशालय का दावा है कि नई चार्जशीट में कुछ और लोगों के नाम आरोपियों के तौर पर जोड़े जा सकते हैं।
पहले आरोप पत्र में वीरभद्र के करीबी और एलआईसी एजेंट आनंद चौहान को आरोपी नामजद किया गया था। चौहान फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। चौहान को धन शोधन निरोधक अधिनियम के प्रावधानों के तहत पिछले साल 9 जुलाई को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में दावा किया था कि चौहान से पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि एजेंट के तौर पर वह एलआईसी की पॉलिसी में निवेश करके आय से अधिक संपत्ति का शोधन करने के तौर तरीके में शामिल हुआ।
बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने वीरभद्र सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में एफआईआर दर्ज की था। जिसे लेकर वीरभद्र सिंह की ओर से एफआईआर रद्द कराने की याचिका दायर की गई थी। आय से अधिक संपत्ति मामले में सीएम वीरभद्र के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में वीरभद्र सिंह की पत्नी व पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह सहित अन्य को आरोपी बनाया गया है। प्रवत्र्तन निदेशालय ने हिमाचल प्रदेश के सीएम के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की थी।












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