• search
For himachal-pradesh Updates
Allow Notification  

    तिब्बती धर्मगुरु करमापा का नया ठिकाना बना अमेरिका, अब नहीं लौटेंगे भारत

    |

    शिमला। दलाई लामा के बाद दूसरे सबसे अहम तिब्बती धर्मगुरु करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे अब अमेरिका से शायद कभी भी भारत नहीं लौटेंगे। वे पिछले साल मई में अमेरिका गये थे। हिमाचल पुलिस और स्थानीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों ने बताया कि त्रिनले दोरजे अमेरिका में शरण ले सकते हैं, या अपने दौरे को अनिश्चित समय तक बढ़ा सकते हैं।

    America is the new location of the karmapa ogyen trinley dorje

    हालांकि करमापा हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित ग्यूतो तांत्रिक मठ में सरकार की निगरानी में रहते थे, लेकिन अमेरिका में वह कहीं भी जाने और किसी से भी मिलने को स्वतंत्र होंगे। बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय को करमापा के वापिसी के पीछे उनकी बीमारी को वजह हो सकती है। लेकिन जब इस बारे में करमापा के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी से संपर्क किया गया तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। निर्वासित तिब्बत सरकार के अधिकारी भी बार-बार प्रयास के बावजूद टिप्पणी करने के लिए उपलब्ध नहीं हुए।

    ग्यूतो तांत्रिक मठ में 2001 से रह रहे तिब्बती धर्मगुरु करमापा पिछले 14 माह से भारत से बाहर है। बता दें कि तिब्बतीयों को इसकी आमतौर पर इजाजत नहीं मिलती। धर्मगुरु करमापा शायद ही कभी अमेरिका से वापस भारत लौटेंगे। उनके वापस नहीं आने से भारत में रह रहे तिब्बती काफी चिंतित हैं। तिब्बती अंदोलन से जुड़े नेता तेनजिन त्सुडू का मानना है कि करमापा की अमेरिका के बजाये भारत में ज्यादा जरूरत है। तिब्बती समाज उनके इस कदम में असहज महसूस कर रहा है।

    अधिक हिमाचल प्रदेश समाचारView All

    जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    America is the new location of the karmapa ogyen trinley dorje
    For Daily Alerts

    Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
    पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more