हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस संगठन की सभी इकाइयां भंग, लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद लिया गया फैसला
Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने संगठनात्मक ढांचे को भंग कर दिया है। इसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी, जिला और ब्लॉक स्तर की सभी इकाइयां शामिल हैं। जिनका यह विघटन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। यह फैसला लोकसभा चुनावों में पार्टी के कमजोर प्रदर्शन के बाद लिया गया है। जिससे पार्टी को राज्य में अपनी स्थिति को पुनः मजबूत करने की आवश्यकता महसूस हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। जो हिमाचल में पार्टी के ढांचे में बड़े बदलाव का संकेत है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने की घोषणा
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने इस निर्णय की घोषणा की और बताया कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को पूरी तरह से पुनर्गठित करने का यह एक रणनीतिक प्रयास है। उनके अनुसार कांग्रेस अध्यक्ष ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सभी पीसीसी, जिला अध्यक्षों और ब्लॉक समितियों को तत्काल प्रभाव से भंग करने का प्रस्ताव मंजूर कर लिया है।

गुटबाजी को खत्म करने का प्रयास
यह कदम पार्टी की राज्य इकाई में लंबे समय से चल रहे ठहराव और गुटबाजी को खत्म करने का एक प्रयास माना जा रहा है। हिमाचल में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस विधायकों द्वारा की गई क्रॉस-वोटिंग और पार्टी के आंतरिक संघर्षों ने इस पुनर्गठन की आवश्यकता को और भी स्पष्ट कर दिया।
हिमाचल प्रदेश में नेतृत्व का पुनर्गठन संभव
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पत्नी, प्रतिभा सिंह, जो राज्य कांग्रेस की अध्यक्ष थी। अब कांग्रेस कार्य समिति में अपनी भूमिका निभा रही हैं। उनके इस नई भूमिका में जाने से हिमाचल प्रदेश में नेतृत्व का पुनर्गठन संभव हो सकता है। जिससे पार्टी के लिए एक मजबूत नेतृत्व और स्पष्ट दिशा तय की जा सके।
कांग्रेस का यह निर्णय राज्य में चुनावी मुकाबलों के लिए अपने संगठन को नई ऊर्जा देने और एक सशक्त मोर्चा तैयार करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।












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