नार्को टेस्ट कराने से पीड़िता के परिवार ने किया इनकार, भाभी बोलीं- हम तो सब सच बोल रहे हैं फिर हमारा टेस्ट क्यों?
हाथरस। उत्तर प्रदेश के चर्चित हाथरस कांड को लेकर पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश है। तो वहीं, आज (03 अक्टूबर) को प्रशासन ने मीडिया को पीड़ित परिवार से बात करने की इजाजत दे दी है। हालांकि राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधिमंडल को गांव में प्रवेश की इजाजत नहीं है। इस दौरान पीड़िता की भाभी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह और उनका परिवार नार्को टेस्ट नहीं कराएगा, क्योंकि वह झूठ नहीं बोल रहे हैं। इसी के साथ उन्होंने डीएम और एसपी के भी नार्को टेस्ट की मांग की।
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'डीएम ने कहा था कोरोना से मरती तो मुआवजा मिलता?'
पीड़िता की भाभी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कई खुलासे किए है। पीड़िता की भाभी ने मीडिया को बताया कि पुलिस वाले धमकाते थे, बोलते थे कि कोरोना से मरती तो मुआवजा नहीं मिलता। पीड़िता की भाभी ने कहा, 'कल यहां कोई एसआईटी की टीम नहीं आई थी। परसों पूछताछ हुई थी। डीएम साहब बोलते थे कि तुम्हारी बेटी अगर कोरोना से मर जाती तो क्या कर लेते। तब क्या मुआवजा मिलता।'
बॉडी देखने की मांग पर डीएम बोले- 10 दिन तक सो नहीं पाओगे
पीड़िता की भाभी ने डीएम पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने बॉडी देखने की मांग की तो डीएम ने कहा कि आपको पता है पोस्टमॉर्टम के बाद डेड बॉडी का क्या हाल हो जाता है। कहा कि पोस्टमॉर्टम की वजह से बहुत कटी-फटी हालत में है। तुम लोग नहीं देख पाओगे। दस दिन तक खाना नहीं खा पाओगे। सो नहीं पाओगे।'
हमें पता नहीं पुलिस ने रात में किसकी जलाई लाश
मीडिया से बात करते हुए पीड़िता की भाभी ने कहा, 'पुलिस से पूछिए किसने बॉडी जलाई। हमने शव जलते हुए नहीं देखा। हमें नहीं पता किसका अंतिम संस्कार हुआ था।' परिवार पर बार-बार बयान बदलने के लग रहे आरोपों पर पीड़िता की भाभी ने कहा, 'जब पीड़िता खुद बोल रही है कि उसके साथ रेप हुआ तो वह झूठ कैसे हो सकता है।'
SIT पर भरोसा नहीं, सीबीआई जांच से भी किया इनकार
खबरों के मुताबिक, पीड़िता के परिवार ने सीबीआई जांच से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस पर भरोसा नहीं है लेकिन वे सीबीआई जांच नहीं चाहते। इतना ही नहीं, पीड़ित के परिवाल ने कहा कि एसआईटी भी मिली है। लेकिन उन्हें भरोसा नहीं है।












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