हाथरस कांड: पीड़िता के चचेरे भाई ने DM पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- ताऊ को सीने पर मारी लात
हाथरस। उत्तर प्रदेश के चर्चित हाथरस कांड को लेकर पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश है। तो वहीं, दूसरी और हाथरस जिला प्रशासन ने पीड़िता के गांव की किलेबंदी कर दी है। मीडिया हो या नेता या कोई आम इंसान, किसी को भी गांव में प्रवेश की इजाजत नहीं है। स्थिति यह है कि गांव के लोगों को अपने घर तक पहुंचने के लिए आधार कार्ड दिखाना पड़ रहा है। तब कहीं जाकर उन्हें गांव की ओर जाने दिया जा रहा है। पुलिस ने गांव के सारे संपर्क मार्गों पर अपना पहरा लगा दिया है।
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पीड़िता के भाई DM पर लगाए गंभीर आरोप
न्यूज़ 18 की खबर के मुताबिक, पीड़िता के चचेरे भाई ने हाथरस के जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार पर गंभीर आरोप लगाए है। पीड़िता के भाई की मानें तो डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने घर के सभी लोगों का मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया है और ताऊ के साथ मारपीट भी की है। भाई का आरोप है कि मेरे ताऊ (पीड़िता के पिता) को डीएम ने छाती पर लात मारी, जिससे वो बेहोश हो गए थे।
छिपते-छिपाते मीडिया तक पहुंचा भाई
खबरों के मुताबिक, पीड़ित परिवार से एक लड़का, जो खुद को पीड़िता का भाई बताया जा रहा है, वो मीडिया तक किसी तरह पहुंचा। उसने बताया कि पुलिस ने घर पर चारों तरफ पहरा लगाकर इनको कैद में रखा गया है। गांव की हर कच्ची पक्की गली में पुलिस का सख्त पहरा है। पीड़िता के घर के चारों तरफ पुलिस तैनात है। ऐसे में खेतों के रास्ते गांव से बाहर निकलकर आए मृत गुड़िया के चचेरे भाई ने मीडिया के समक्ष आप बीती सुनाई। उसने कहा कि किसी को भी घर से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं। गुड़िया (पीड़िता) की मां मीडिया से बात करना चाहती हैं लेकिन पुलिस ने पूरी तरह से घेराबंदी कर रखी है। छत, गली से लेकर हर जगह पुलिस तैनात है।
डीएम पर कार्रवाई न होने से परिवार में आक्रोश
बता दें योगी सरकार द्वारा एसपी सहित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई लेकिन पीड़ित परिवार संतुष्ट नहीं है। 3 दिन से परिवार नजरबंद है और सरकार द्वारा डीएम पर कार्रवाई नहीं होने से परिजनों में आक्रोश है। तो वहीं, हाथरस कांड की प्राथमिक जांच रिपोर्ट प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ को शुक्रवार, 2 अक्टूबर को मिल गई थी। जिसके बाद उन्होंने कार्रवाई करते हुए हाथरस जिले के एसपी विक्रांत वीर सिंह, सीओ राम शब्द, इंस्पेक्टर दिनेश कुमार वर्मा, एसआई जगवीर सिंह और हेड मोहर्रिर महेश पाल शामिल हैं। इसके अलावा थाने के सभी पुलिसकर्मियों का नार्को पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। इसके साथ-साथ पीड़ित और आरोपी, दोनों पक्षों का भी नार्को टेस्ट करवाया जाएगा। वहीं, डीएम प्रवीण कुमार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।












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