हाथरस केस: चारों आरोपियों का होगा पॉलीग्राफ-ब्रेन मैपिंग टेस्ट, गुजरात लेकर पहुंची CBI की टीम
हाथरस। खबर उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले से है, यहां कथित गैंगरेप और हत्या के आरोप में अलीगढ़ जेल में बंद चारों आरोपियों को पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। इसके लिए कोर्ट ने परमिशन दे दी है। वहीं, कोर्ट से परिमशन मिलने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम शनिवार को उन्हें लेकर गुजरात पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुजरात के गांधीनगर में चारों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट और ब्रैन मैपिंग होगी। बता दें कि प्रदेश सरकार ने हाथरस मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई की सिफारिश की थी।
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25 नवंबर को CBI कोर्ट में दाखिले की रिपोर्ट
बता दें कि सीबीआई 25 नवंबर को कोर्ट में हाथरस केस की जांच रिपोर्ट दाखिल करेंगी। इसके लिए सीबीआई ने अपनी जांच तेज कर दी है। आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत हासिल करने के लिए सीबीआई टीम अलीगढ जेल में बंद हाथरस केस के चारों आरोपियों का पॉलीग्राफ टेस्ट करा रही है। इसके लिए सीबीआई ने कोर्ट में आर्जी दाखिल की थी। जिस पर कोर्ट ने परमिशन दे दी है।
कोर्ट ने दी परमिशन
परमिशन मिलने के बाद सीबीआई टीम शनिवार दोपहर अलीगढ जेल पंहुची, यहां से सीबीआई टीम हाथरस केस के चारों आरोपियों को अपने साथ लेकर गुजरात के गांधी नगर के लिए रवाना हो गई है। सीबीआई टीम द्वारा चारों आरोपियों को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए गुजरात के गांधी नगर ले जाने की बात की पुष्टि अलीगढ जेल अधीक्षक अलोक कुमार ने फ़ोन पर हुई वार्ता के दौरान की है।
चश्मदीद छोटू नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए तैयार
वहीं, हाथरस प्रकरण में खुद को घटना का चश्मदीद बताने वाला छोटू नाम का युवक नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए तैयार था। उसका कहना था कि सच सामने लाने के लिए वह टेस्ट के लिए तैयार है, साथ ही पीड़िता के परिजनों का भी टेस्ट होना चाहिए। उधर, युवक की मां ने टेस्ट पर आपत्ति जताते हुए बेटे को नाबालिग बताया है। छोटू की मां का कहना है कि वह नहीं चाहती कि छोटू का नारको-पॉलीग्राफ टेस्ट हो। वहीं छोटू के भाई का कहना है कि इस घटना के बाद उसका परिवार काफी परेशान है। एक तरह से उनकी रोजी-रोटी छिन गई है।
छोटू का कराया था कोरोना टेस्ट
सीबीआई की टीम 19 नवंबर को फिर पीड़िता के गांव पहुंची थी। टीम ने पीड़िता के परिजनों से की पूछताछ की और खुद को वारदात का चश्मदीद बताने वाले युवक छोटू को साथ लाकर जिला अस्पताल में उसका कोरोना का टेस्ट कराया। जो नेगेटिव आया है। दरअसल, घटना के वक्त पास के ही खेत में काम कर रहे एक युवक छोटू ने घटना स्थल पर सबसे पहले पहुंचने का दावा किया था। बता दें कि सीबीआई छोटू से कई बार पूछताछ कर चुकी है। युवक के अनुसार सीबीआई उससे 20 से अधिक बार पूछताछ कर चुकी है।












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