विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर बोले सीएम मनोहर लाल खट्टर, आइए मिलकर मासूम को श्रम के अंधेरे से बचाएं
चंडीगढ़, 12 जून। बाल मजदूरी को रोकने के लिए आज के ही दिन पूरी दुनिया में विश्व बाल श्रम निषेध दिवस समनाया जाता है। इस मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट करके बाल मजदूरी को रोकने की अपील की। मनोहर लाल खट्टर ने ट्वीट करके लिखा, बचपन उचित शिक्षा-दीक्षा, खेल-कूद एवं चरित्र निर्माण की अन्य गतिविधियों तथा एक सुनहरे भविष्य को गढ़ने के लिए होता है। आइये! हम सब मिलकर मासूमों को श्रम के अंधेरों से बचाने और शिक्षा की अखण्ड ज्योति से उनके जीवन को जगमगाने का संकल्प लें।

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इससे पहले शुक्रवार को बाल मजदूरी को रोकने के लिए कैलाश सत्यार्थी की संस्था चिल्ड्रेंस फाउंडेशन की ओर से दिल्ली में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान उन्होंने अपील की कि बाल मजदूरों को मुक्त कराने के लिए और उनके पुनर्वास के लिए एक खास नीति बनाए जाने की जरूरत है, जिससे की बाल मजदूरी को रोका जा से, फिर से बच्चों को आवासीय स्कूलों में भेजा जा सके। कैलाश सत्यार्थी ने बाल कल्याण के लिए योजनाओं को बढ़ाने की मांग की।
गौर करने वाली बात है कि हर साल 12 जून को बाल श्रम निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य 14 साल से कम उम्र के बच्चों को श्रम से दूर रखना है, साथ ही उन्हें बेहतर शिक्षा दिलाना और उन्हें भविष्य के प्रति जागरूक करना है। अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन और यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार सामाजिक संरक्षण के जरिए परिवार की गरीबी और कमोजरी को कम किया जा सकता है। बाल श्रम का सबसे बड़ा काण परिवारों के लिए सामाजिक संरक्षण का नहीं होना है। वर्ष 2000 से 2020 के बीच बाल श्रम में लिप्त बच्चों की संख्या में कमी देखने को मिली है। इस दौरान 8.55 करोड़ बाल श्रमिक बाल मजदूरी से दूर हुए हैं, यानि बाल मजदूरी 16 फीसदी से कम होकर 9.6 फीसदी तक पहुंची है।












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