Haryana: नूंह हिंसा में बहादुरी दिखाने वाली कौन हैं IPS ममता सिंह? शिव मंदिर में बंधक बने 2500 लोगों को बचाया
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Haryana IPS Mamta Singh: हरियाणा के नूंह में विश्व हिंदू परिषद की ब्रज मंडल यात्रा के दौरान हिंसा और बवाल के बाद भारी तनावपूर्ण स्थिति है। नूंह में दो दिन के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया है। साथ ही हालात पर काबू पाने के लिए पूरे इलाके में पैरामिलिट्री की 13 कंपनियां तैनात की गई हैं।
नूंह में भड़की हिंसा में 5 लोगों की जान चल गई है। जबकि 50 के करीब लोग जख्मी हुए हैं। उपद्रवियों ने 100 से ज्यादा गाड़ियों को फूंक दिया गया। हालातों को देखते हुए 6 जिलों में धारा 144 लागू की गई है। इंटरनेट को भी बंद कर दिया है। हिंसा के मद्देनजर राजस्थान में भी अलर्ट है।

एडीजीपी ममता सिंह ने दिखाई दिलेरी
एक तरफ जहां सरकार और पुलिस प्रशासन की पहले नियोजित दंगे का अंदाजा नहीं होने लेकर सवाल उठ रहे हैं तो दूसरी तरफ नूंह हिंसा के बीच हरियाणा पुलिस की एडीजीपी ममता सिंह की जमकर तारीफ भी हो रही है।
आईपीएस अधिकारी ममता सिंह ने मंदिर में शिव मंदिर में फंसे 2500 से ज्यादा लोगों को उपद्रवियों से सुरक्षित बचाया है, इसके लिए सरकार के साथ-साथ लोग भी उनकी प्रशंसा करते दिखाई दे रहा है। खुद हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने उन्हें बहादुर बताया है।
जानिए क्या हुआ था?
दरअसल, जिस ब्रज मंडल की यात्रा में पथराव के बाद माहौल हिंसक हो गया था, वो यात्रा मेवात के नल्लहड़ में प्राचीन शिव मंदिर में पहुंचनी थी। इसके लिए वहां पहले से ही बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर के अंदर एकत्र थे, भक्त पदयात्रा का इंतजार कर रहे थे। लेकिन इससे पहले ही उपद्रव शुरू हो गया। जिसके बाद मंदिर में ही 2500 से ज्यादा लोग रुके थे।
मंदिर से कुछ दूरी पर आगजनी
प्रशासन ने माहौल को भांपते हुए लोगों को मंदिर में रोक लिया। भीड़ में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा थी। वहीं दूसरी तरफ मंदिर से कुछ ही दूरी पर उपद्रवी आगजनी कर रहे थे, ऐसे में अगर लोग वहां से जाते तो उनको निशाना बनाया जा सकता था।
इसके बाद मंदिर में फंसे लोगों की सूचना गृह मंत्री अनिल विज और पुलिस प्रशासन के आला अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद मंदिर से लोगों को निकालने का मिशन शुरू किया गया। एडीजीपी ममता सिंह की अगुवाई में सैकड़ों महिला, बच्चों और पुरुषों को सुरक्षित निकाला गया।
कौन हैं आईपीएस ममता सिंह?
ममता सिंह 1996 बैंच की आईपीएस हैं।मौजूदा समय में सिंह हरियाणा पुलिस में ADGP (Law and Order) की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। बचपन में डॉक्टरी बनने की इच्छा रखने वाली आईपीएस अफसर ने पुलिस सेवा को चुना।
ममता सिंह हरियाणा के तेज तर्रार और तुरंत एक्शन लेने वाले अफसरों में से एक हैं। ममता सिंह के पति भी आईपीएस अधिकारी है। ममता सिंह के दो बेटियां और एक बेटा है। उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों में काफी काम किया है। जिसके लिए उन्हें राष्ट्रपति के पुलिस पदक से सम्मानित किया जा चुका है।ममता सिंह मानवाधिकारी आयोग में डीजीपी भी रह चुकी हैं।












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