सिंघु बॉर्डर: किसानों के धरनास्थल के पास हाथ-पैर काटकर मारे गए मजदूर की पहचान हुई, जानिए अब तक क्या क्या हुआ?
सोनीपत। हरियाणा-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर बेरहमी से मारे गए शख्स की हरियाणा पुलिस ने पहचान कर ली है। पुलिस के मुताबिक, मृतक तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव का रहने वाला लखबीर सिंह है। वह 35-36 वर्ष का एक मजदूर था और अनुसूचित जाति से था। लखबीर सिंह आज सुबह लगभग 5 बजे किसान आंदोलनकारियों के मुख्य मंच के पास बेरिकेड्स पर मृतावस्था में टंगा मिला था। हत्यारों ने उसके हाथ-पैर काट दिए थे। हत्या के बाद लाश को लोहे के बैरिकेड्स पर टांग गए। वहीं, बगल में उसका कटा हुआ हाथ भी टांग दिया। लाश दिखने पर वहां कोहराम मच गया। बाद में पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया। जहां उसके पोस्टमॉर्टम की तैयारियां शुरू की गईं।

अनुसूचित जाति से था, तरनतारन जिले का निवासी
सोनीपत पुलिस के डीएसपी हंसराज ने आज सुबह इस मामले पर कहा था कि, हत्यारों की पहचान अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा था कि, अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच-पड़ताल की जा रही है। उसके बाद, दोपहर होते-होते हरियाणा पुलिस ने स्टेटमेंट जारी कर कहा कि, मृतक की पहचान तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव के 35-36 वर्षीय मजदूर लखबीर सिंह के रूप में हुई है। वह अनुसूचित जाति से था। उसका क्षत-विक्षत शव उस स्थान (कुंडली-सोनीपत) पर लटका मिला, जहाँ किसानों का विरोध चल रहा था। इस पूरी घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए हैं।
हत्या का आरोप निहंगों पर, जांच शुरू
सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आने के बाद भाजपाई खेमे ने दावा किया है कि, लखबीर सिंह की हत्या निहंगों ने की है। दरअसल, कुछ निहंग एक वीडियो में कबूल करते हुए कह रहे हैं, 'जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल, सिंघु बॉर्डर पर इस पापी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की। फौज ने इसका हाथ काट दिया और टांग भी काट दी है।'
वहीं, एक अन्य वीडियो में खून से लथ-पथ शख्स तड़प रहा है और लोग उससे पूछ रहे हैं कि, तू कौन है और कहां से आया था?" तो उसने कहा कि, "निहंगों ने मेरा हाथ काटा है...इसके बाद वहां मौजूद लोग पूछते हैं, अपना नाम भी बता, कहां से आया है, किसने भेजा है, क्या करतूत की है।"
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संयुक्त किसान मोर्चे का बयान आया
इस घटना पर संयुक्त किसान मोर्चा का बयान भी आया है। मोर्चे की ओर से कहा गया कि, घटनास्थल पर मौजूद निहंगों के एक समूह ने एक व्यक्ति की नृशंस हत्या की जिम्मेदारी ली थी। निहंगों कहा कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि लखबीर ने 'सरबलोह ग्रंथ' की बेअदबी करने का प्रयास किया था।"
बताया गया है कि यह मृतक कुछ समय से निहंगों के एक ही समूह के साथ रह रहा था। हालांकि, निहंगों ने उसे मार डाला। अब संयुक्त मोर्चे का कहना है कि, हमारा न तो निहंगों से कोई लेना-देना है और न ही मृतक से कोई परेशानी थी। मोर्चे ने हत्या की निंदा भी की है। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा, "हम किसी भी धार्मिक पाठ या प्रतीक की बेअदबी के खिलाफ हैं, लेकिन ये मामला किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं देता। हम मांग करते हैं कि दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिले।












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