Rohtak: 2 बम ब्लास्ट में आतंकी अब्दुल करीम टुंडा बरी, कोर्ट को नहीं मिले पर्याप्त सबूत
आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को दो ब्लास्ट के मामले में बरी किया गया है। हालांकि अभी वो जेल में ही रहेगा।

हरियाणा के रोहतक में हुए बम ब्लास्ट मामले में शुक्रवार को अदालत का फैसला आया, जहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश राजकुमार यादव ने आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को 1997 के मामले में बरी कर दिया। अदालत को टुंडा के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं मिले थे। वहीं सुरक्षा को देखते हुए उसे वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया था। अभी वो 1996 के सोनीपत बम ब्लास्ट मामले में अजमेर सेंट्रल जेल में बंद है।
दरअसल टुंडा पर दो बम धमाके करने का आरोप था। करीब 26 साल पुराने मामले में कोर्ट में इसको लेकर कई बार सुनवाई हुई। बीते सोमवार को वकील की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। शुक्रवार को टुंडा को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे बरी कर दिया। हालांकि अभी वो जेल से बाहर नहीं आएगा, क्योंकि उसके खिलाफ कई अन्य केस भी चल रहे।
केस को करीब से देखने वाले एक जानकार के मुताबिक रोहतक में टुंडा के ऊपर दो केस थे, जबकि 5 अन्य केस दूसरे शहरों में हैं। जिस मामले में शुक्रवार को आतंकी बरी हुआ, उसमें दो आरोपियों को पहले ही बरी कर दिया गया था। अभी वो राजस्थान की अजमेर जेल में बंद है।
रोहतक में हुए थे दो ब्लास्ट
आपको बता दें कि 1997 में रोहतक में दो सीरियल ब्लास्ट हुए थे। इसमें पहला धमाका पुरानी सब्जी मंडी में एक रेहड़ी पर हुआ, जबकि दूसरा कुछ देर बाद किला रोड पर हुआ। इसमें कई लोग घायल भी हुए थे। इसी पैटर्न में देश के कई अन्य शहरों में भी ब्लास्ट हुआ था।
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2013 में हुआ था गिरफ्तार
टुंडा पर पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के साथ मिलकर भारत में आतंकी साजिश रचने का आरोप है। 2013 में वो नेपाल के रास्ते भारत में घुस रहा था, तभी सुरक्षा एजेंसियों ने उसको धर दबोचा। तब से वो जेल में बंद है।












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