Rohtak: कौन हैं BJP के रामअवतार वाल्मीकि? जिन्होंने हुड्डा के गढ़ में कांग्रेस को हराया, RSS से तगड़ा कनेक्शन!
Rohtak BJP Ram Avtar Valmiki: हरियाणा का रोहतक जिला, जिसे कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ माना जाता है, वहां नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा प्रत्याशी रामअवतार वाल्मीकि ने कांग्रेस के सूरजमल किलोई को 45,000 से ज्यादा वोटों से मात देकर मेयर पद पर कब्जा जमाया।
13 राउंड तक चली मतगणना में भाजपा के रामअवतार वाल्मीकि को 1,02,269 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के सूरजमल किलोई को 57,071 वोट ही मिल सके। अन्य प्रत्याशियों में इनेलो के सूरज को 3,458 वोट, आम आदमी पार्टी के अमित खटक को 3,175 वोट, निर्दलीय दीपक सिंह को 2,055 वोट मिले, जबकि नोटा का विकल्प चुनने वाले मतदाताओं की संख्या 1,956 रही।

हुड्डा के गढ़ में BJP की जीत कैसे हुई?
रोहतक को भूपेंद्र सिंह हुड्डा का गढ़ कहा जाता है, लेकिन इस बार कांग्रेस को करारी हार मिली। इसकी मुख्य वजह भाजपा की रणनीति और कांग्रेस का कमजोर नेतृत्व रहा। BJP ने मेयर पद के लिए वाल्मीकि समुदाय से मजबूत चेहरा उतारा। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने खुद दो बार चुनाव प्रचार किया। राज्य के बड़े मंत्रियों और नेताओं ने बीजेपी प्रत्याशी के पक्ष में तगड़ा प्रचार किया।
इसके विपरीत, कांग्रेस का प्रचार सीमित रहा और कोई बड़ा चेहरा सामने नहीं आया। सांसद दीपेंद्र हुड्डा अकेले कमान संभालते नजर आए।
कौन हैं बीजेपी के रामअवतार वाल्मीकि?
रामअवतार वाल्मीकि बचपन से ही RSS के संपर्क में रहे और उनकी पहचान वाल्मीकि समुदाय के एक मजबूत नेता के रूप में बनी। भाजपा में अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के बाद उन्होंने संगठन में अपनी जगह बनाई। उनकी कड़ी मेहनत और RSS से जुड़ाव ने उन्हें भाजपा के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया।
3 बार एमएलए चुनाव हारने के बावजूद पार्टी का भरोसा
रामअवतार वाल्मीकि ने कलानौर विधानसभा सीट से तीन बार (2009, 2014, 2019) एमएलए चुनाव लड़ा लेकिन हर बार कांग्रेस की शकुंतला खटक से हार गए। इसके बावजूद, भाजपा ने उन पर भरोसा बनाए रखा और इस बार मेयर चुनाव का टिकट देकर उन्हें बड़ा मौका दिया।
BJP के शीर्ष नेताओं से करीबी
रामअवतार वाल्मीकि को भाजपा के पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु और ओमप्रकाश धनखड़ का करीबी माना जाता है। यही वजह रही कि उन्हें लगातार चुनावों में टिकट मिला और इस बार पार्टी ने उन्हें मेयर चुनाव में उतारा।
अन्य राज्यों में भी निभाई भूमिका
वाल्मीकि सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने दिल्ली, असम, बिहार, यूपी, राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में भी भाजपा के लिए चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाई।












Click it and Unblock the Notifications