हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019: जानिए पटौदी विधानसभा सीट के बारे में

पटौदी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित सीट है। वर्तमान में पटौदी सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है और यहां से भाजपा के नेता बिमला चौधरी विधायक हैं।

नई दिल्ली। हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। आइए जानते हैं हरियाणा की 90 सीटों में से एक पटौदी विधानसभा सीट के बारे में, जो गुड़गांव लोकसभा सीट के अंतर्गत आती है। पटौदी विधानसभा सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित सीट है। वर्तमान में पटौदी सीट पर भारतीय जनता पार्टी का कब्जा है और यहां से भाजपा के नेता बिमला चौधरी विधायक हैं। 2014 के विधानसभा चुनाव में बिमला चौधरी ने इंडियन नेशनल लोकदल के उम्मीदवार गंगाराम को 38963 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त देकर जीत हासिल की थी। इस चुनाव में भाजपा नेता बिमला चौधरी को 75198 और इंडियन नेशनल लोकदल के गंगाराम को 36235 वोट मिले थे।

haryana assembly elections 2019

वोट शेयर की अगर बात करें तो 2014 के विधानसभा चुनाव में यहां भाजपा को 56.15 फीसदी और इंडियन नेशनल लोकदल को 27.05 फीसदी वोट मिले। इनके अलावा 15652 वोट हासिल कर कांग्रेस के सुधीर कुमार तीसरे और 1813 वोट पाकर बीएसपी के अजीत सिंह यहां चौथे नंबर पर रहे थे। 1977 के विधानसभा चुनावों से 2014 तक पटौदी विधानसभा सीट पर इंडियन नेशनल लोकदल और कांग्रेस समान रूप से जीत दर्ज करती रही हैं। इंडियन नेशनल लोकदल और कांग्रेस ने यहां 2-2 बार जीत का परचम लहराया है। 2009 के विधानसभा चुनाव में इंडियन नेशनल लोकदल के गंगाराम ने कांग्रेस उम्मीदवार भूपेंद्र को 24747 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में गंगाराम को 49323 और भूपेंद्र को 24576 वोट मिले थे। इससे पहले 2005 में यहां कांग्रेस नेता प्रोफेसर छत्रपाल सिंह ने जीत हासिल की थी। छत्रपाल सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी जोगी राम सिहाग सिसई को 26444 वोटों के अंतर से हराया था।

हरियाणा की पटौदी विधानसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आई और कांग्रेस नेता मोहनलाल ने जनसंघ के शीशराम को हराकर यहां जीत का परचम लहराया। इसके बाद 1962 के विधानसभा चुनाव में भी इस सीट पर कांग्रेस का ही कब्जा रहा और पार्टी उम्मीदवार बाबू दयाल शर्मा ने फिर से शीशराम को हराकर जीत हासिल की। पटौदी विधानसभा सीट पर शीशराम को लगातार 4 बार हार का मुंह देखना पड़ा। हालांकि 1972 के विधानसभा चुनाव में शीशराम की किस्मत चमकी और विशाल हरियाणा पार्टी के रामजीवन सिंह को हराकर वो विधायक बने। 1977 के विधानसभा चुनाव में पटौदी सीट अनुसूचित जाति के उम्मीदवार के लिए आरक्षित कर दी गई।

पटौदी विधानसभा सीट का इतिहास रहा है कि यहां की जनता ने हर बार नए चेहरे को चुनकर विधानसभा में भेजा। कांग्रेस भले ही इस सीट पर सबसे ज्यादा बार जीती है, लेकिन उसके प्रत्याशी हर बार अलग रहे। 2014 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को पहली बार यहां जीत नसीब हुई और मोदी लहर में पार्टी की उम्मीदवार बिमला चौधरी इस सीट से चुनकर विधायक बनीं। वहीं, इस सीट पर बीएसपी का भी थोड़ा दखल है और 2014 के चुनाव में बीएसपी चौथे नंबर पर रही। इस बार भारतीय जनता पार्टी ने पटौदी सीट से वर्तमान विधायक बिमला चौधरी का टिकट काटकर प्रदेश प्रवक्ता सत्यप्रकाश जरावत को टिकट दिया गया है।

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