हरियाणा सरकार की बड़ी तैयारी: 25 से कम छात्रों वाले प्राइमरी और मिडल स्कूल एक दूसरे में होंगे मर्ज
गुरुग्राम। प्राथमिक शिक्षा को लेकर हरियाणा सरकार नए कदम उठा रही है। राज्य के मौलिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश के उन स्कूलों को दूसरे स्कूलों में विलय करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है जिन स्कूलों में 25 से कम विद्यार्थी हैं। मौलिक शिक्षा विभाग निदेशक ने सभी जिलों के मौलिक शिक्षा अधिकारियों को सूचना प्रेषित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि ऐसे स्कूलों की पूरी जानकारील मिल सके। वर्तमान समय की बात करें तो प्रदेश में पहली से लेकर आठवीं तक के 1 हजार 57 स्कूल हैं। ये स्कूल मौलिक शिक्षा विभाग के अंडर में आते हैं। इनमें प्राइमरी स्कूलों की संख्या 743 है और 314 माध्यमिक स्कूल हैं।

महानिदेशक ने सख्त निर्देश दिए हैं कि जिन मौलिक शिक्षा अधिकारियों के जिले में 25 से कम विद्यार्थियों वाले राजकीय प्राथमिक और राजकीय माध्यमिक विद्यालयों की जानकारी दी जाए। इसके बाद इन स्कूलों को एक किलोमीटर के दायरे में स्थित दूसरे राजकीय स्कूल में विलय किया जा सके। महानिदेशक की तरफ से इस कार्य को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। अब मौलिक शिक्षा अधिकारी इस काम को अंजाम देने में लग गए हैं। वहीं दूसरी तरफ सरकार के इस फैसले का सड़क से लेकर विधानसभा तक विरोध किया जा रहा है।
अगर आंकड़ों की मानें तो बीजे 7 साल में बच्चों की संख्या घट रही है। इस अवधि में प्राइमरी स्कूलों में 2 लाख 64 हजार 301 तो मिडल स्कूलों में 2 लाख 1 हजार 208 बच्चे कम हो गए हैं। ध्यान देने वाली बात ये भी है बंद किए जाने वाले 183 स्कूलों में टीचर ही नहीं है। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल उठता है कि जब टीचर नहीं होंगे तो बच्चों के बढ़ने की उम्मीद कैसे की जा सकती है। बेहतर होगा कि बच्चों के कम होने के पीछे के कारणों का पता लगाया जाए जैसे केरल सरकार ने किया है।












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