OPINION: हरियाणा में लाडली योजना से बदल रहा है बेटियों का जीवन
हरियाणा की लाडली योजना ने प्रदेश के प्रति देश का नजरिया बदलने में बड़ा योगदान दिया है। जो हरियाणा कभी कन्या भ्रूण हत्या के लिए कुख्यात था, आज वहां की बेटियां देश का गौरव बढ़ाने में लगी हैं।

हरियाणा की मनोहर लाल सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 'लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता योजना' की तहत दी जाने वाली मासिक राशि भी बढ़ा दी है। बढ़ी हुई रकम लाभार्थियों को अप्रैल महीने से ही उपलब्ध कराई जा रही है। लाडली योजना का मुख्य लक्ष्य बेटियों का उनके परिवार और समाज में भी स्थिति और महत्त्व बढ़ाना है।

लाडली योजना से बदल रहा है बेटियों का जीवन
इस योजना का लाभ ये है कि मासूम बेटियों को अच्छी शिक्षा पाने के लिए वित्तीय सहायता मिल जाए और जब 18 साल की हों तो उन्हें एकमुश्त अच्छी रकम मिले। यह योजना वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के पैटर्न पर आधारित है, जिसमें परिवार में सिर्फ बेटी हैं। इस योजना के तहत परिवारों का नामांकन तब होता है, जब माता या पिता का 45वां जन्मदिन होता है और यह 15 साल के लिए है। यानि जबतक कि वे 60 साल के नहीं हो जाते उन्हें इसका लाभ मिलता रहता है।

भत्ता भी बढ़ा और बजट भी बढ़ाया
इसके बाद वे वृद्धावस्था सम्मान भत्ता के पात्र होते हैं। 1 अप्रैल 2023 से हरियाणा सरकार इसके तहत 2,750 रुपए मासिक भत्ता दे रही है। हरियाणा सरकार ने चालू वित्त वर्ष में इस योजना के लिए 113 करोड़ रुपए का बजट रखा है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष से 11 करोड़ रुपए ज्यादा है।
लाभार्थियों की संख्या में हो रही है वृद्धि
हरियाणा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 4 जून 2023 की सुबह 8 बजे तक इस योजना के लाभार्थियों की संख्या 36,674 हो चुकी है। इस योजना का लाभ सिर्फ उन्हीं परिवारों को मिलता है, जिनके माता-पिता हरियाणा के निवासी हों या हरियाणा सरकार के लिए काम करते हों।

15 साल तक माता-पिता को मिलती है रकम
हरियाणा में लाडली योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक है कि माता-पिता की सिर्फ बेटी ही हो और कोई बेटा न हो। इसके साथ ही परिवार की कुल सालाना आय भी 2,00,000 रुपए से अधिक न हो। 45 से 60 की उम्र तक इस योजना के तहत रकम का भुगतान बेटी की मां को किया जाता है। यदि मां जीवित नहीं है तो उस केस में पिता को लाभ का भुगतान मिलता है।
हरियाणा के प्रति देश का बदल रहा है नजरिया
हरियाणा पहले अपने खराब लिंगानुपात के लिए पूरे देश में चर्चित रहता था। लेकिन, मनोहर लाल खट्टर सरकार ने बीते वर्षों में केंद्र सरकार की सहयता से इस चुनौती से निपटने में जो भूमिका निभाई है, वह अभूतपूर्व है। लिंगानुपात की स्थिति को लेकर हरियाणा के प्रति देश का जो नजरिया बदला है, उसमें 'लाडली सामाजिक सुरक्षा भत्ता' जैसी योजना का बहुत ही बड़ा रोल है।
यह योजना प्रदेश को कन्या भ्रूण हत्या के कलंक से उबारने के लिए चलाई जा रही है, साथ ही साथ इसके माध्यम से बेटियों को बेहतर शिक्षा देकर उन्हें राज्य और देश का नाम ऊंचा करने के लिए तैयार किया जा रहा है।












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