Opinion: हरियाणा में विधवा और निराश्रित महिलाओं का सहारा बन गई है खट्टर सरकार

हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर सरकार ने अपने कार्यकाल में विधवा और निराश्रित महिलाओं की दिक्कतों को बहुत ही संवेदनशीलता के साथ सुलझाने का प्रयास किया है। उनकी पेंशन लगातार बढ़ाई गई है।

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हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार ने अपने कार्यकाल में विधवा और बेसहारा महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा देने के लिए किस तरह से कोशिशें की हैं, इसका प्रमाण इन्हें लगातार मिलने वाली पेंशन की रकम में बढ़ोतरी से मिलता है। 2014 में हरियाणा सरकार विधवा और निराश्रित महिलाओं को जो 1,000 रुपए प्रति महीने पेंशन देती थी, वह एक अप्रैल, 2021 से 2,500 रुपए प्रति महीने मिल रही है। इस अवधि में खट्टर सरकार ने साल-दर-साल इस रकम में इजाफा करके बेसहारा महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा कवच बनने का काम किया है। अगर चालू वित्त वर्ष में आज की तारीख तक की बात करें तो कुल 8,22,909 विधवा और बेसहारा महिलाएं हरियाणा सरकार की इस कल्याणकारी योजना से लाभांवित हो रही हैं। (पहली तस्वीर- प्रतीकात्मक)

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विधवा और निराश्रित महिलाओं के प्रति बेहद संवेदनशील हैं सीएम खट्टर
हरियाणा में इस समय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के कुल 30,78,332 लाभार्थियों में विधवा और निराश्रित पेंशन पाने वाली महिलाओं का शेयर 26.73% हो चुका है। वित्त वर्ष 2022-23 में इस स्कीम के लिए हरियाणा सरकार ने 2,500 करोड़ रुपए का बजट रखा हुआ है। राज्य के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर इस योजना के प्रति कितने संवेदनशील हैं, इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है।

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    विधवा महिला को अपनी जेब से पेंशन दे चुके हैं मुख्यमंत्री
    पिछले साल सितंबर की बात है। सीएम मनोहर लाल खट्टर रोहतक में आयोजित एक जन संवाद कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यहां एक बुजुर्ग महिला मुख्यमंत्री के पास पहुंची और बताया कि किस तरह से विधवा पेंशन बहाल करने के लिए उसे दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है। सीएम ने तत्काल उस महिला को अपनी जेब से 2,500 रुपए दिए और उसकी शिकायत का संज्ञान लेते हुए सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे परिवार पहचान पत्र की वजह से हो रही दिक्कतों को तुरंत ठीक करवाएं। उन्होंने अफसरों को हिदायत दी कि जिन लाभार्थियों को इसकी वजह से पेंशन में रुकावट आई है, उसे फौरन बहाल किया जाए।

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    पात्रता की शर्तें
    इस योजना की पात्र महिलाओं के लिए आवश्यक है कि उनकी आयु 18 वर्ष से अधिक हो। जो विधवा और निराश्रित महिला हरियाणा की रहने वाली हैं या आवेदन देने की तारीख से एक वर्ष पहले से हरियाणा में रह रही हैं, वह भी पेंशन की हकदार हैं।

    लाभार्थी बनने के लिए यह भी आवश्यक है कि विधवा और निराश्रित महिला की आमदनी सभी स्रोतों से मिलाकर भी 2,00,000 रुपए सालाना से कम हो। वह विधवा हो। वह पति, माता-पिता और पुत्र के बिना निराश्रित हो।

    यदि वह विवाहित है लेकिन पति के छोड़ देने या उसके शारीरिक और मानसिक रूप से अक्षम होने या अविवाहित महिला की स्थिति में माता-पिता की इन्हीं स्थितियों की वजह से बेसहारा हो।

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