OPINION: दिव्यांग जनों के लिए समर्पित है हरियाणा सरकार
हरियाणा सरकार दिव्यांग जनों के कल्याण के लिए पूरी तरह से समर्पित नजर आती है। इस बार फिर से उनकी पेंशन राशि बढ़ा दी गई है। साथ ही 'ताऊ से पूछो' चैटबॉट लॉन्च कर उनका काम आसान किया है।

हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार राज्य में जितनी भी कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, उसका एक ही मकसद है कि समाज में कोई भी व्यक्ति पीछे न छूट जाए। हरियाणा सरकार की अनेकों कल्याणकारी योजनाओं में से एक महत्वाकांक्षी योजना है 'हरियाणा दिव्यांग पेंशन योजना।'

दिव्यांग पेंशन योजना का मासिक भत्ता बढ़ाया
हरियाणा सरकार ने राज्य में 'हरियाणा दिव्यांग पेंशन योजना' के तहत मिलने वाले मासिक भत्ते को 1 अप्रैल, 2023 से बढ़ाकर 2,750 रुपए कर दिया है। पहले इन लोगों को 2,500 रुपए मासिक भत्ता मिलता था। यही नहीं, खट्टर सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए इस योजना का बजट भी 54 करोड़ रुपए बढ़ाकर 574 करोड़ रुपए कर दिया है।

'ताऊ से पूछो' शुरू करने से बढ़ रहे हैं लाभार्थी
30 अप्रैल, 2023 तक दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ उठाने वाले लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 1,91,075 हो चुकी है। इसका बड़ा कारण 'ताऊ से पूछो' चैटबॉट शुरू करने को भी माना जा सकता है। राज्य सरकार ने दिव्यांग जनों के लिए प्रोएक्टिव पेंशन पोर्टल बनाया है, ताकि दिव्यांग जनों की घर बैठे पेंशन बन जाए।
'दिव्यांग जनों को दफ्तर जाने की जरूरत नहीं
इस सेवा को लागू करते हुए मुखयमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा था, 'अब हमने दिव्यांग जनों (पर्सन विद डिसैबिलिटीज) को ऑटोमेटेड पेंशन लाभ देने का फैसला किया है। ऐसे लाभार्थियों को अपना लाभ पाने के लिए दफ्तरों तक नहीं जाना होगा।'

हर महीने अपडेट होगी लाभार्थियों की जानकारी
परिवार पहचान पत्र के माध्यम से 60 फीसदी से अधिक दिव्यांगता वाले लोगों की सूचना हर महीने उपलब्ध होगी और लाभार्थियों को उनका लाभ मिल जाया करेगा। गौरलतब है कि इस योजना के तहत 60-100% दिव्यांगता वालों को पेंशन देने की व्यवस्था है।
इस आधार पर दी जाती है पेंशन
18 साल और इससे ऊपर के जो भी व्यक्ति दिव्यांगता की श्रेणी में आते हैं और हरियाणा के स्थायी निवासी हैं और हरियाणा राज्य में रहते हैं, वह दिव्यांग पेंशन योजना पाने के हकदार हैं। इस योजना का लाभ पाने वाले व्यक्ति की खुद की आमदनी श्रम विभाग की ओर से तय की गई अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
इस योजना के लाभार्थियों की संख्या इसलिए लगातार बढ़ रही है, क्योंकि परिवार पहचान पत्र के माध्यम से हर महीने इस योजना के लाभार्थियों को इस स्कीम में शामिल किया जा रहा है।

सरकार की व्यवस्था ये है कि सेवा विभाग के जिले के अधिकारी ऐसे लाभार्थियों से संपर्क करेंगे और पेंशन का लाभ लेने के लिए उनकी सहमति लेंगे। अगर ऐसे लाभार्थी अपनी सहमति देते हैं, तो अगले महीने से पेंशन का लाभ मिलना शुरू हो जाता है। (लाभार्थियों की तस्वीरें- प्रतीकात्मक)












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