Manoj Phogat: हरियाणा के मनोज फोगाट शहीद, 10 दिन पहले ही ड्यूटी पर लौटे थे, मामा के घर रहकर की थी पढ़ाई
Manoj Phogat Harayana Shaheed: हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव समसपुर निवासी वीर सपूत मनोज फोगाट ने देश की सेवा करते हुए पंजाब बॉर्डर पर अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया। लांसनायक मनोज फोगाट की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और घर पर लोगों का तांता लग गया।
करीब 34 वर्षीय मनोज फोगाट की तैनाती पंजाब के कपूरथला में ग्रेनेडियर मैकेनिक पद पर थी। मनोज फोगाट ने साल 2011 में भारतीय सेना ज्वाइन की थी। बताया जा रहा है कि ड्यूटी के दौरान गोली लगने से वे शहीद हो गए। शहीद मनोज फोगाट का पार्थिव शरीर कपूरथला आर्मी अस्पताल में रखा गया है, जहां से गांव समसपुर लाया जाएगा। गांव में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।

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शहीद मनोज फोगाट के पिता का सात साल पहले निधन
मनोज फोगाट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरियाणा के गांव कान्हड़ा में अपने मामा के घर रहकर पूरी की थी। पढ़ाई के बाद उन्होंने कठिन मेहनत से सेना में जगह बनाई और बीते कई वर्षों से देश की सेवा में समर्पित रहे। उनके परिवार के लिए यह दूसरा बड़ा आघात है। करीब सात साल पहले उनके पिता का निधन हार्ट अटैक से हो गया था। अब मनोज की शहादत ने पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

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हरियाणा के लाल मनोज फोगाट की शहादत के बाद ग्रामीणों के साथ-साथ चरखी दादरी जिला प्रशासन और सेना के अधिकारी भी उनके घर पहुंचने लगे हैं और अंतिम यात्रा के कार्यक्रम की तैयारियां की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर शहीद मनोज फोगाट को श्रद्धांजलि देते हुए क्षेत्र के नेताओं, सैन्य अधिकारियों और आम नागरिकों ने उन्हें सच्चा देशभक्त बताया और कहा कि उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकेगा।

सोशल मीडिया पर भी लोग उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें।
शहीद मनोज फोगाट का परिवार
खबर है कि मनोज फोगाट 10 दिन पहले ही छुट्टी काटकर ड्यूटी पर लौटे थे। गुरुवार को गोली लगने से शहीद हो गए। वे कब-कहां और कैसे शहीद हुए? इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मनोज फोगाट की शादी रेखा से हुई थी। इनके दो बच्चे हैं। छह साल की बेटा व आठ साल की बेटी है। मां का नाम संतोष देवी है। शहीद के एक बहन है।

ऑपरेशन सिंदूर में अब तक कितने शहीद?
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में 6-7 मई 2025 की रात को भारतीय सेनाओं की ओर से शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' में पाकिस्तान व पीओके में आतंकियों के ठिकानों को तबाह किया गया। करीब 100 आतंकी मारे गए। इसके बाद पाकिस्तान ने 8 व 9 मई 2025 को भारत पर ड्रोन व मिसाइलों से हमले किए, जिन्हें भारत के सुरक्षाचक्र एस-400 ने हवा में ही मार गिराया था। ऑपरेशन सिंदूर में भारत के 8 से ज्यादा सैनिक शहीद हुए हैं।












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