हरियाणा में शराब घोटाला: IPS और IAS के खिलाफ होगी कार्रवाई, गृहमंत्री विज ने बताईं यह बातें
चंडीगढ़। हरियाणा में लॉकडाउन के दौरान हुए शराब घोटाले में गठित विशेष जांच दल ने आईएएस अधिकारी शेखर विद्यार्थी और आईपीएस अधिकारी प्रतीक्षा गोदारा के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। बताया गया है कि, सोनीपत की तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा ने ही मुख्य शराब तस्कर भूपेंद्र सिंह को दो गनमैन मुहैया करवाए थे। साथ ही एसपी प्रतीक्षा ने भूपेंद्र को गन का लाइसेंस जारी किया।

चंडीगढ़ में मीडिया से विशेष जांच समिति की रिपोर्ट को साझा करते हुए हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान पंजाब से शराब की तस्करी हुई थी। विज ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान इन दोनों अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। इसके चलते उन्होंने विशेष जांच समिति की सिफारिशों को आगामी कार्रवाई करने के लिए विजिलेंस विभाग को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा गया है।
अनिल विज ने यह भी कहा कि सरकार ने विशेष जांच समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया है। जांच के दौरान के बड़े खुलासे हुए हैं। एक ज़िला आबकारी एवं कराधान अधिकारी को छोड़कर किसी भी डीईटीसी ने शराब को तय समय के बाद डिस्ट्रॉय नहीं किया। घोटाला प्रकाश में आने के बाद एसआईटी का गठन किया गया था। आईएएस टीसी गुप्ता इस कमेटी के चेयरमैन बनाए गए।

एसआईटी को 30 मई तक अपनी रिपोर्ट देंने के लिये कहा गया था। लेकिन 27 मई को पत्र लिखकर रिपोर्ट लिए पूछा, तब कमेटी ने कहा आबकारी विभाग ने उनको डाटा नहीं दिया है। इसलिए 2 महीने समय दिया जाए। इसलिए समय बढ़ाकर 31 जुलाई 2020 तक किया गया था। कमेटी ने पूरी मेहनत की और चैप्टर वाइज और हर बिंदु पर काम किया। कमेटी ने रिपोर्ट को संकलित किया औऱ करीब 2000 पेज की रिपोर्ट सरकार को सौंपी। पहला चैप्टर इनफॉर्मेटरी है। तीसरे चैप्टर में सोनीपत के एसपी जश्नदीप रंधावा और तत्कालीन एसपी प्रतीक्षा गोदारा से बातचीत का ब्यौरा है।












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