हरियाणा: जींद महापंचायत की मांग- सरकार तीनों कृषि कानून वापस ले, किसान आंदोलनकारियों को रिहा करे
farmers protest | Kisan Mahapanchayat at Kandela of Jind (Haryana) जींद। कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों की अगुवाई में हरियाणा के जींद जिले में सैकड़ों गांवों की महापंचायत हुई। यह महापंचायत कंडेला गांव के पास राजीव गांधी स्टेडियम में हुई, जहां 7 एकड़ भूमि पर हजारों किसान जुटे। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य नेता राकेश टिकैत, बलबीर सिंह राजेवाल, रतन सिंह मान, गुरनाम सिंह चढ़ूनी जैसे नेता कंडेला पहुंचे। महापंचायत की अध्यक्षता कंडेला खाप के प्रधान एवं सर्वजातीय खाप के संयोजक टेकराम ने भी की। वहां इन नेताओं द्वारा केंद्र सरकार से कानून वापसी मांग की गई।
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कंडेला की महापंचायत में किसान संगठनों के पदाधिकारियों ने सरकार को चेताते हुए कहा कि, तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाए। उन्होंने कहा कि, सरकार कानून ही वापस ले, इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है। साथ ही आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए लोगों को जल्द से जल्द रिहा किया जाए। राकेश टिकैश ने कहा कि, मोदी सरकार यदि बात नहीं सुनेगी, तो आगे आंदोलन को और तेज किया जाएगा। टिकैत बोले कि, हमने अक्टूबर तक समय दिया। यदि सरकार बाज नहीं आई तो हर राज्य में किसान आंदोलन करेंगे।
सरकार को बेबाक अंदाज में चुनौती देते हुए राकेश टिकैत ने महापंचायत के स्टेज से कहा कि, ''हमने अभी सरकार से बिल वापस की बात कही है, लेकिन अगर हमने गद्दी वापसी की बात कर दी तो सरकार का क्या होगा? अभी समय है सरकार संभल जाए!''
एक पत्रकार द्वारा यह पूछे जाने पर कि यदि कानून वापस नहीं हुए तो क्या करेंगे, इस पर टिकैत बोले कि, देशभर में 40 लाख ट्रैक्टरों को जुटाएंगे। हर राज्य में ऐसे आंदोलन होंगे। सरकार, फिर कुछ नहीं कर पाएगी। भलाई इसी में है, तीनों कानून वापस ले ले।"
राकेश टिकैत के अलावा कई खाप नेताओं ने भी सरकार को चेताया। महापंचायत के मंच से टेक राम कंडेला ने कहा, ''किसानों के आंदोलन का समर्थन करने के लिए यह बड़ा जमावड़ा है। यहां ऐसा करीब 2 दशक पहले हुआ था। अब आज सरकार से नए कृषि कानूनों को निरस्त करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की मांग की जा रही है।'' उन्होंने बताया कि, महापंचायत में कृषि बिल को वापस लेने का प्रस्ताव पास किया गया है। हमने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू करने की मांग की है। इसके अलावा लापता किसानों का पता लगाने और किसानों पर दर्ज केस वापस लेने की मांग भी की है।

50 हजार लोगों के लिए खाने की व्यवस्था
बता दिया जाए कि, आज यहां 50 हजार लोगों के लिए पकवान बनाए गए। खाद्य सामग्री तैयार करने वाली महिलाओं ने कहा- किसान भाइयों के लिए यहां चाय, पकोड़े, बाजरे की रोटी, सरसो का साग, आलू, मटर की सब्जी तैयार की है। दूध, दही, लस्सी गांव से मंगवाई गई हैं। खाने का आयोजन कंडेला खाप के चबूतरे पर किया है। कंडेला में 2002 में गोलीकांड के दौरान 9 किसानों की मौत हो गई थी। तब यहां बड़ा आंदोलन हुआ था।












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