खट्टर सरकार ने मानी किसानों की मांग, 1 अक्टूबर से खरीदेगी धान, खरीदी की लिमिट भी बढ़ाई
चंड़ीगढ़, 24 सितंबर। हरियाणा में धान की सरकारी खरीद न होने से गुस्साए किसान 21 घंटे से कुरुक्षेत्र नेशनल हाईवे-44 पर डटे हुए थे, जिसकी वजह से हाइवे पर लंबा जाम लग गया था। लोगों को हो रही दिक्कतों की वजह से मामले में पंजाब- हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तलब किया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने किसानों की बात मांन ली है। ऐसे में कुरुक्षेत्र नेशनल हाईवे-44 पर डटे किसान अब हट रहे हैं। मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि जल्द से जल्द हाइवे जाम से मुक्त कराया जाए, ताकि आम लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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आधी रात को हुई सुनवाई
मामले में आधी रात को हुई सुनवाई में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि जिला प्रशासन को स्थिति को रोकने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए। अदालत ने राज्य को कानून व्यवस्था को और बिगड़ने से रोकने का निर्देश देते हुए सावधानी बरतने की भी सलाह दी थी। साथ ही कोर्ट ने सरकार से कहा था कि बल का प्रयोग अंतिम विकल्प होना चाहिए और वह भी तब तक जब तक प्रशासन के पास कोई दूसरा रास्ता न हो।
इन मांगों को लेकर किसान कर रहे थे प्रदर्शन
किसानों को उमस और बदले मौसम की वजह से बारिश का डर सता रहा था। किसानों का कहना था कि अगर बारिश हो जाएगी तो धान खराब हो जाएगा। क्योंकि उनके पास भंडारण की क्षमता नहीं है। इसके अलावा किसानों ने राज्य सरकार से धान खरीदी की लिमिट को 22 क्विंटल से अधिक करने की मांग की थी। वहीं, अब पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद राज्य सरकार ने किसानों की मांगों को मान लिया है।
राज्य की खट्टर सरकार 1 अक्टूबर से धान की खरीदी करेगी। ऐसे में अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके किसान 1 अक्टूबर से धान बेच सकेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार की तरफ से प्रति व्यक्ति खरीदी की भी लिमिट बढ़ा दी गई है। अब एक किसान 30 क्विंटल तक धान बेच सकेंगे। से अनाज खराब हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास भंडारण की जगह नहीं है, इसलिए राज्य सरकार को खरीद की तारीख आगे बढ़ानी चाहिए।
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