दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन का 30वां दिन, प्रदर्शनकारियों को प्रशासन ने मनाया, KMP एक्सप्रेस-वे खुला
farmers protest haryana news , सोनीपत/दिल्ली। केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों के विरोध-प्रदर्शन को एक माह पूरा हो गया है। हजारों की संख्या में किसान दिल्ली-हरियाणा से लगते बॉर्डर पर जत्थों में बैठे हैं। सोनीपत के सिंघु बॉर्डर पर जुटे किसानों में से कुछ ने केजीपी-केएमपी एक्सप्रेस वे पर जाम लगा दिया।उन्होंने नारेबाजी करते हुए कहा कि, सरकार तीनों कानून वापस नहीं लेगी, तब तक नहीं हटेंगे। हालांकि, सूचना मिलने पर सोनीपत एसडीएम विजय सिंह आए और 2 घंटे बाद किसानों को मनाने में कामयाब रहे। जिसके बाद रोड से जाम हटा।

सोनीपत एसडीएम विजय सिंह बोले कि, ''हमने लोगों को समझाया था। वे रास्तों को ब्लॉक करने वाले थे। उनसे बहुत देर तक बातचीत की गई और फिर मान गए।' उन्होंने बताया कि किसान कोई अल्टीमेटम देकर नहीं गए। आज 25 दिसंबर को किसानों के आंदोलन का आज 30वां दिन है। इससे पहले सरकार ने गुरुवार को एक और चिट्ठी लिखकर किसानों से बातचीत के लिए दिन और समय तय करने की अपील की थी। चिट्ठी में लिखा गया कि किसानों के मुद्दों को हल करने के लिए सरकार गंभीर है। चिट्ठी में यह भी कहा गया कि, मिनिमम सपोर्ट प्राइज से जुड़ी कोई भी नई मांग जो नए कृषि कानूनों के दायरे से बाहर है, उसे बातचीत में शामिल करना तर्कसंगत नहीं होगा।' किसानों के सिंघु बॉर्डर की तरफ चल रहे आंदोलन में स्थल पर जुटने वाले लोगों के लिए बड़े पैमाने पर खाने-पीने की व्यवस्था की जा रही है।

इधर, किसानों ने घेरा राज्यमंत्री का आवास
प्रदर्शनकारियों ने उकलाना में राज्यमंत्री अनूप धानक के आवास का भी घेराव किया है। इस दौरान उन्होंने हाथों में काले झंडे ले रखे थे और राज्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। जिसके बाद पुलिस बल तैनात कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने उकलाना की पुरानी अनाज मंडी में भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेतृत्व में काफी संख्या में एकत्रित होकर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व राज्यमंत्री के विरोध भी में नारेबाजी की। इसी दौरान किसानों ने जलूस निकाला।












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