ब्लैक फंगस के हरियाणा में कहां कितने मरीज, स्वास्थ्य मंत्री ने बताया, बोले- आज केंद्र से दवा मिलेगी
चंडीगढ़। कोरोनावायरस के संक्रमण से जूझने वाले लोगों को हो रही ब्लैक फंगस यानी कि "म्यूकोरमाइकोसिस" नामक बीमारी के मामले हरियाणा में भी सामने आ रहे हैं। यहां किस जिले में अब तक कितने मामले सामने आ चुके हैं, इस सवाल का स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जवाब दिया। विज ने कहा कि, प्रदेश में ब्लैक फंगस के अभी तक 421 मरीज सामने आए हैं, जोकि राज्य के विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं।
विज ने बताया कि, ब्लैक फंगस के सबसे अधिक 149 मामले गुरुग्राम में पाए गए हैं। इसके अलावा, हिसार में 88, फरीदाबाद में 50, रोहतक में 26, सिरसा में 25, करनाल में 17, पानीपत में 15, अम्बाला में 11, भिवानी में 8 मामले तथा शेष अन्य जिलों में हैं। विज ने कहा कि, मरीजों के उपचार के लिए राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में 20-20 बेड ब्लैक फंगस के लिए रिजर्व किए गए हैं, जहां सभी जिलों के मरीजों को रेफर किया जा रहा है।

ब्लैक फंगस यानी कि "म्यूकोरमाइकोसिस" की दवा के बारे में बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि, अभी हमारे पास 1250 एम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन रोगियों के इलाज के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने आज कहा कि, हमें केंद्र सरकार से एक दिन पहले (एम्फोटेरिसिन बी की) 550 शीशियां मिलीं। इससे पहले, 600 शीशियां राज्य सरकार ने ही खरीदीं। आज हमें और इंजेक्शन मिलेंगे।
दो दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि, केंद्र से हमने 12,000 शीशियां मांगी हैं। उन्होंने कहा कि, हाल ही हमने बैठक में तय किया था कि, हम दवा का सीधा आयात भी करेंगे। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ब्लैक फंगस के लिए विदेशों से दवा इंपोर्ट करेगी। साथ ही केंद्र सरकार से भी दवा मांगी गई है।"
गौरतलब है कि, ब्लैक फंगस यानी कि "म्यूकोरमाइकोसिस" बीमारी कोरोनावायरस के संक्रमण से जूझने वाले लोगों को ही हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि, इस तरह के रोग के जहां जल्दी पता लगने से ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है, वहीं कुछ मामलों में इलाज के लिए बहुत कम वक्त बचता है या किसी मामले में कोई मौका भी नहीं मिलता।












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