Haryana News: हम सभी को अपने साथ गीता रखनी चाहिए, इसके सिद्धांत पर चलना चाहिए: सीएम खट्टर
Haryana News: हरियाणा के कुरुक्षेत्र में गीता जयंती के अवसर पर थीम पार्क में प्रदेश के 18 हजार बच्चों ने सामूहिक वैश्विक अष्टादशी गीता पाठ किया। प्रदेश के एक लाख से ज्यादा विद्यार्थी ऑनलाइन गीता पाठ से जुड़े। इसके साथ ही देश के 23 राज्यों के एक करोड़ से ज्यादा लोग इससे जुड़े। देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर यह पाठ किया गया।
कुरुक्षेत्र के थीम पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा, आरएसएस सदस्य इंद्रेश, स्वामी आत्मानंद, पंजाब के संत भूपिंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग शामिल हुए। वैश्विक गीता पाठ से धर्म नगरी गीतामयी हो गई।
गीता संदेश के जरिए करेंगे चुनौती का डटकर सामना
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि गीता संदेश के जरिए ही हम हर चुनौती का डटकर सामना करेंगे। उन्होंने अपनी जेब से गीता निकाल कर दिखाते हुए कहा कि हम सभी को अपने साथ गीता रखनी चाहिए। ऐसा वातावरण बनने से हम सकारात्मकता की ओर जाते हुए हर बाधा को पार कर जाते हैं। उन्होंने कहा कि मैं महसूस करता हूं कि कर्म करते रहो। फल की चिंता मत करो। यही गीता का संदेश है। इसी पर मैं भी चल रहा हूं। हर किसी को इसी सिद्धांत पर चलना चाहिए।
सीएम खट्टर ने कहा कि हर विपरीत समय में पूरी दुनिया भारत की ओर देखती है। गीता की स्थली भारत ने भी कोरोना कल में साबित कर दिखाया था कि गीता में जो संदेश है। उसकी पालना करते हुए हम मानवता के लिए हर कठिन समय में भी आगे बढ़कर काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि गीता संदेश को आज पूरा विश्व मानने को तैयार है और अब तक दर्जनों देश ऐसे आयोजन करने के लिए आमंत्रण दे चुके हैं। प्रदेश सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा 6 से 12 तक तीन ग्रुप में गीता संदेश से जुड़ी पाठ्यपुस्तकें शुरू की है। इससे स्कूली जीवन से ही हमारे बच्चे गीता संदेश से आत्मसात रहेंगे और सफल जीवन की ओर बढ़ेंगे।

गीता का संदेश पूरी मानव जाति के लिए प्रासंगिक
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिश्वा ने कहा कि हरियाणा व असम के बीच महाभारत और रामायण काल से रिश्ता रहा है। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण दो बार आए और यहां से उन्होंने गीता का संदेश दिया। भगवान श्रीकृष्ण ने असम की बेटी रुक्मणी से विवाह किया। इस नाते वे असम के दामाद रहे हैं। यही नहीं महाभारत के समय कुरुक्षेत्र में पूरे भारत का संगम हुआ। उस दौरान भी असम के महान योद्धा भगदत्त और एक अन्य ने अपना पराक्रम यहां आकर दिखाया था।
हालांकि वे भगदत्त कौरवों की ओर से लड़े थे। लेकिन उनके पराक्रम से हर कोई वाकिफ है। यही नहीं अर्जुन का संबंध भी असम के पड़ोसी मणिपुर से रहा है। उन्होंने कहा कि भारत 1947 में नहीं बना। बल्कि यह महाभारत और रामायण काल से ही बना है। हमारे संविधान का मूल आधार वेद पुराणों में ही है। जिसके चलते धर्मनिरपेक्ष संविधान रहा है। जबकि पाकिस्तान का मूल आधार इस्लाम पर रहा है।
उन्होंने कहा कि गीता का संदेश पूरी मानव जाति के लिए आज भी प्रासंगिक है। भगवान श्रीकृष्ण के दिखाए मार्ग पर हर किसी को चलना ही होगा। जब हर कोई गीता से समाहित होगा तो न हिंदू होगा, न सिख, न ईसाई और मुसलमान। हम सब सिर्फ इंसान होंगे। यही गीता का संदेश है। उन्होंने कहा कि वह भी स्कूली बच्चों को गीता का संदेश पढ़ाएंगे।












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