Haryana News: विद्यार्थियों और अध्यापकों की समस्याओं का त्वरित निदान करें अधिकारी: सीमा त्रिखा
Haryana News: हरियाणा की शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने कहा कि अधिकारी विद्यार्थियों और अध्यापकों की समस्याओं का त्वरित निदान करें। इसके लिए प्रत्येक जिला का अलग से नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए। शिक्षा मंत्री बुधवार को पंचकूला स्थित शिक्षा सदन में प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता कर रही थी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव जी अनुपमा, प्राथमिक स्कूल शिक्षा विभाग के महानिदेशक आर एस ढिल्लो, माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक जितेंद्र कुमार के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
शिक्षा मंत्री श्रीमती सीमा त्रिखा ने आज की प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूल शिक्षा विभाग की बैठक को बुस्टर-मीटिंग की संज्ञा देते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस बैठक के बाद विभागीय कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने कहा कि जहां अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं सुस्ती बरतने वालों की खिंचाई की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने बताया कि वे जुलाई माह से खुद प्रत्येक दिन दो सरकारी स्कूलों का दौरा भी करेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिस स्कूल का भवन, कमरे आदि नए बनकर तैयार हो गए हैं। उनका जल्द ही उद्घाटन करने की योजना बनाई जाएगी और जरूरत के अनुसार नए भवनों का शिलान्यास करके कार्य को जल्द से जल्द अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
मंत्री सीमा त्रिखा ने विभाग द्वारा प्रकाशित की जा रही शिक्षा-सारथी पत्रिका का प्रसार बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें विद्यार्थियों की उपलब्धि और केंद्र एवं प्रदेश सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का समावेश होना चाहिए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ख्यातिप्राप्त कार्यक्रम मन की बात की भी प्रमुख बातों को उचित स्थान दिया जाए। शिक्षा मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा-सारथी पत्रिका को केवल स्कूल की लाइब्रेरी तक सीमित न रखा जाए। बल्कि गांव के पंच से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंचनी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
प्रदेश की शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने इस बात पर ख़ुशी जाहिर की कि राज्य में पहली बार नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकें समय पर पहुंच गई हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2024 में बोर्ड परीक्षाओं के आए परिणाम पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि पास प्रतिशतता तीन गुणा तक बढ़ी है। उन्होंने विभाग द्वारा चलाई जा रही सुपर-100, बुनियाद, कला उत्सव जैसी अन्य विद्यार्थी केंद्रित कई योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिक्षा मंत्री को बताया गया कि प्रदेश के कई पीएमश्री स्कूलों में टूरिज्म जैसे व्यावसायिक कोर्स के पाठ्यक्रम शुरू किये गए हैं। जिससे भविष्य में रोजगार के उभरते अवसरों का राज्य के युवा लाभ उठा सकेंगे।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी जुलाई माह में अपने-अपने क्षेत्र के हर घर में दस्तक देंगे और नागरिकों को बारिश के मौसम में पौधारोपण करने के लिए आह्वान करेंगे। विद्यार्थी दरवाजा खटखटा कर घर के लोगों से पूछेंगे कि क्या आपने अपने हिस्से का पौधा लगा दिया है। क्योंकि पेड़-पौधे लोगों को ऑक्सीजन के अलावा फल-फूल और अन्य खाद्य वस्तुएं भी उपलब्ध करवाते हैं।
शिक्षा मंत्री सीमा त्रिखा ने विद्यार्थियों की छात्रवृति, महिला अध्यापकों की चाइल्ड केयर लीव, एसीपी, वरिष्ठता सूची समेत अन्य कार्यों के शीघ्र निपटान के लिए टाइम-बाउंड निर्धारित करने के निर्देश देते हुए कहा कि प्रत्येक जिला के लिए अलग से नोडल अधिकारी लगाया जाए। ताकि हर कार्य तत्परता से पूर्ण हो सके। इससे शैक्षणिक निष्पादन में भी बढ़ोतरी होगी। प्रत्येक स्कूल को भी सूचना दी जाए कि उनके जिला का नोडल अधिकारी कौन लगाया गया है।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को बैठक में निर्देश दिए कि विभिन्न अध्यापक यूनियनों की जो मांगें केवल फाइलों में अटकी पड़ी हैं। उनको जल्द से जल्द फाइनल किया जाए और अन्य जायज मांगों का अध्ययन करके अंतिम रूप दिया जाए।
उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों से भी उनकी समस्याओं बारे पूछा और कहा कि वे प्रदेश में शिक्षा की बेहतरी के लिए दृढ़ संकल्प हैं। कोई भी अधिकारी या कर्मचारी उनसे बेझिझक मिल सकता है।












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