Haryana News: निर्वाचन विभाग ने लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश में बनाए आइकॉन, मतदान के लिए ऐसे करेंगे प्रेरित
Haryana News: हरियाणा में 25 मई को होने वाले लोकसभा आम चुनाव-2024 के मद्देनजर अधिक से अधिक मतदान हो इसके लिए राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने एक अनूठी पहल करते हुए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्वाचन आयोग द्वारा बनाये गए चुनाव आइकॉन फिल्म अभिनेता राजकुमार राव की तर्ज पर अपने-अपने जिलों में आइकॉन बनाने का आग्रह किया था। जिसे आज अंतिम रूप दिया गया। अनुराग अग्रवाल ने इस संबंध में उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में हरियाणा का मतदान प्रतिशत राष्ट्रीय औसत से अधिक रहा था। परंतु इस बार हमने इसे 75 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी कड़ी में खेल और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धि प्राप्त करने वालों को जिला चुनाव आइकॉन बनाया गया है। जो मतदाताओं को वोट डालने के लिए प्रेरित करेंगे।

उन्होंने बताया कि एशियाई गेम्स 2023 में निशानेबाजी में स्वर्ण पदक विजेता पलक को झज्जर जिले के लिए, 19वें एशियाई गेम्स में निशानेबाजी में कांस्य पदक विजेता आदर्श सिंह को फरीदाबाद जिले के लिए , 19वें सीनियर पैरा पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली सुमन देवी व भोपाल में हुई नेशनल स्कूल गेम्स में राज्य की टीम की खिलाडी याशिका को पानीपत जिले के लिए तथा 19वें एशियाई गेम्स में निशानेबाजी में रजत पदक विजेता सरबजोत सिंह को अंबाला जिले के लिए आइकॉन बनाया गया है। इसी प्रकार विश्व चैंपियन में रजत पदक विजेता महिला पहलवान सोनम मलिक को सोनीपत जिले के लिए, ओलम्पिक हॉकी खिलाड़ी सुरेंदर कुमार को कुरुक्षेत्र जिले के लिए तथा राष्ट्रीय युवा महोत्सव में गायकी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मुस्कान फतेहाबाद के लिए जिला चुनाव आइकॉन बनाया गया है।
निर्वाचन अधिकारी अनुराग अग्रवाल ने अन्य जिलों के उपायुक्त-सह-जिला निर्वाचन अधिकारियों को भी अपने-अपने जिलों में चुनाव आइकॉन बनाने के लिए आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष भारत निर्वाचन आयोग ने लोकसभा चुनावों के लिए चुनाव का पर्व- देश का गर्व को शीर्ष वाक्य बनाया है। ताकि नागरिक बढ़-चढ़कर चुनावों में भाग लें।
उन्होंने प्रदेश भर के युवा जिनकी आयु 18-19 वर्ष है। जो पहली बार मतदान करेंगे। उनसे आग्रह करते हुए कहा कि युवा जब निर्वाचकीय प्रक्रिया के साथ जुड़ेंगे तभी वे लोकतंत्र की शक्ति और अपने वोट का महत्व जान पाएंगे। इसलिए युवा इस अवसर को चूकें नहीं। क्योंकि 5 वर्षों में एक बार लोकतंत्र का यह पर्व आता है।












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