Haryana News: सीएम नायब सिंह ने फसल खराबे के लिए दिए गिरदावरी के निर्देश, मुख्य सचिव ने कही यह बात
Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को अचानक इंद्री के दमनहेड़ी गांव पहुंचे और ओलावृष्टि से खराब हुई फसल के नुकसान का जायजा लिया। सीएम ने कहा की क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है। किसान अपने नुकसान का पंजीकरण करें पटवारी को भी गिरदावरी रिपोर्ट कर देने के लिए आदेश दिए जा चुके हैं।
इस दौरान किसानों ने कहा कि उनकी मेहनत पर पानी भर गया है। गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बालियां झड़ चुकी है। इस पर सीएम सैनी ने कहा कि ओलावृष्टि की सूचना कल ही मिल गई थी। इसलिए अधिकारियों को विशेष गिरदावरी रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। पटवारी गांव की ओर रवाना हो चुके हैं। दो-तीन दिन में ही रिपोर्ट आ जाएगी। साथ ही क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है। थोड़े क्षेत्र में ही नुकसान है। वहीं मुख्य सचिव ने भी उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों का जल्द से जल्द सर्वे किया जाए। ताकि किसानों को समय पर खराब फसलों की भरपाई मिल सके।

मंडियों में जगह नहीं होने से दूसरे किसान अपनी फसल नहीं बेच पा रहे हैं। इस गंभीर समस्या पर मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक सचिवों व उपायुक्त को निर्देश दिए कि रविवार को मंडी बंद रखें और ट्रैकों व अन्य वाहनों के माध्यम से 24 घंटे में 50 फीसदी गेहूं व सरसों की फसल का उठान करवा कर गोदाम में रखना या उठान रविवार शाम तक पूरा हो जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि फसलों के उठान पर कोई कोताही न बरती जाए। वह स्वयं इसका फीडबैक लेंगे। उधर सीएम नायब सिंह सैनी ने करनाल दौरे के दौरान इंद्री क्षेत्र के खेतों में जाकर ओलावृष्टि और बारिश से खराब हुई फसल का जायजा लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पटवारी को गांव में भेज कर प्रभावित फसलों की गिरदावरी कराएं।
साथ ही किसानों से भी कहा कि वह अपने नुकसान को क्षतिपूर्ति पोर्टल पर पंजीकृत करवाएं। सीएम ने कहा कि दो-तीन दिनों के अंदर गिरदावरी पूरी होने के बाद किसानों को मुआवजा मिलना शुरू हो जाएगा।
मुख्य सचिव ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के सभी उपायुक्तों एवं अन्य अधिकारियों से रबी फसल की खरीद से संबंधित व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक की। उन्होंने उपायुक्त से कहा गेहूं के उठान के लिए यदि आढ़तिए अपने वाहन का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की तय रेट के अनुसार उनके वाहनों की अदायगी की जाए। उन्होंने कहा कि किसान की फसल का जे फॉर्म कटने के 72 घंटे के अंदर फसल का भुगतान किया जाए।
उन्होंने प्रदेश की अनाज मंडियों से फसलों का समय पर उठान करने और किसानों को हर संभव सुविधा मुहैया कराने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने प्रशासनिक सचिवों को भी समय-समय पर अपने अधीन मंडियों का दौरा करने के निर्देश दिए हैं। ताकि कोई खामी ना रहे। उन्होंने कहा कि कई जगह श्रमिकों की कमी देखने को मिल रही है। ऐसे में अधिकारी आढ़तियों के साथ तालमेल करके श्रमिकों की व्यवस्था करें। ताकि ट्रकों से गेहूं की लोडिंग और अनलोडिंग में दिक्कत ना हो।
मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने फसल कहीं से संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसानों को अपनी फसल की बिक्री करने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना न करना पड़े। साथ ही फसलों का भुगतान निर्धारित अवधि में हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए सायलों को भी खरीद केंद्र बनाया गया है। जहां पर किसान सीधा अपनी फसल बेचने के लिए ले जा सकता है।












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