किसानों का ऐलान- सरकारी-सहकारी संस्थाओं को अब 100 रुपए लीटर बेचेंगे दूध, CM खट्टर को नागवार गुजरा
चंडीगढ़। केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ कई माह से चल रहा किसान संगठनों का आंदोलन थम नहीं रहा। अब किसानों के समर्थन में खाप-पंचायतों की ओर से एक फरमान जारी किया गया है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए खापों-किसानों ने दूध का रेट 100 रुपए निर्धारित कर दिया है। उन्होंने कहा है कि, सरकार और सहकारी संस्थाओं को वे अब 100 रुपये से कम कीमत में दूध नहीं बेचेंगे। हालांकि, आमजन के लिए दूध का वही पुराना रेट होगा। किसान नेता यह भी बोले कि, अब एमएसपी नहीं एमआरपी पर बात होगी।

किसानों-खापों के इस फैसले पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नाराजगी जताई है। खट्टर का कहना है कि, दूध को लेकर प्रदर्शनकारियों का का ऐसा फरमान जारी करना कतईं सही नहीं है। इससे कुछ किसानों का ही नुकसान होगा। मुख्यमंत्री बोले कि, शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाए, जिसके लिए हर किसी का अधिकार है, लेकिन सड़कें घेरकर धरना देना गलत है। उधर, किसानों के अगुआ कह रहे हैं कि, खट्टर सरकार किसानों के हित में फैसले ले। अन्यथा किसान अपनी मांगों के लिए यूं ही अड़े रहेंगे।

हिसार, जींद, सोनीपत एवं चरखी दादरी में दूध के रेट बढ़ाने को लेकर किसानों-खापों में सहमति बनी। जिसके उपरांत उन्होंने फैसला लिया कि, सरकार पर इस तरह भी दवाब बनाया जाएगा। आम लोगों को दूध पुरानी कीमत पर देंगे, लेकिन सहकारी संस्थाओं से एक लीटर दूध के लिए 100 रुपए वसूले जाएंगे। इस तरह उन्होंने सरकार को दूध 100 रुपए प्रति लीटर बेचने का फैसला किया है।












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