Haryana Result: हरियाणा की इन 14 सीटों पर प्रदर्शन नहीं कर पाई कांग्रेस, 5 सीटों पर AAP ने बिगाड़े
Haryana Assembly Elections Result 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर से अपना नेतृत्व सफलतापूर्वक बरकरार रखा है। लगातार तीसरी बार जीत हासिल करते हुए भाजपा ने 48 सीटों पर विजय प्राप्त की है। कांग्रेस पार्टी जो इस बार सत्ता में वापसी की उम्मीद कर रही थी। 37 सीटों पर ही सिमट गई। इस चुनाव में आम आदमी पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवारों की भूमिका भी निर्णायक रही। जिन्होंने कई करीबी मुकाबलों में कांग्रेस की हार सुनिश्चित की।
आप पार्टी हरियाणा में सीटें जीतने में तो असफल रही। लेकिन चुनाव में अपनी प्रभावशाली मौजूदगी दर्ज कराई। खासकर पांच प्रमुख विधानसभा क्षेत्रों में जहां पार्टी के उम्मीदवारों ने कांग्रेस की हार का अंतर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उचाना कलां सीट पर आप के पवन फौजी ने 46,473 वोट हासिल किए। जिससे भाजपा के देवेंद्र चटर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को महज 32 वोटों से हराया। इसी तरह 19 सीटों पर आप के उम्मीदवारों ने कांग्रेस की संभावनाओं को कमजोर किया।

इसके अलावा निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी कांग्रेस की हार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रदेश में 14 सीटें ऐसी थी। जहां निर्दलीय उम्मीदवारों को कांग्रेस की हार के अंतर से अधिक वोट मिले। महेंद्रगढ़ में भाजपा के कंवर सिंह ने 2,648 वोटों से जीत दर्ज की। जबकि निर्दलीय संदीप सिंह को 20,834 वोट मिले। ऐसे ही समालखा, कालका और बाधरा जैसे क्षेत्रों में भी निर्दलीयों ने चुनावी परिणामों को प्रभावित किया।
असंध सीट पर भाजपा के योगेंद्र सिंह राणा ने कांग्रेस के शमशेर गोगी को 2,306 वोटों से हराया। जबकि निर्दलीय जिले राम शर्मा ने 16,302 वोट प्राप्त किए। यह दिखाता है कि निर्दलीय उम्मीदवारों ने प्रमुख दलों से वोट काटकर परिणामों पर असर डाला है।
यमुनानगर से भाजपा के घनश्याम दास और सोहना से तेजपाल तंवर ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की। जिससे भाजपा की स्थिति और मजबूत हुई। दूसरी ओर कांग्रेस को दादरी और राई जैसी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा। जहां भाजपा के सुनील सतपाल सांगवान और कृष्ण गहलावत ने क्रमशः 1,957 और 4,673 वोटों से जीत हासिल की। तोशाम में भाजपा की श्रुति चौधरी ने 14,257 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की। जबकि निर्दलीय शशि रंजन परमार ने 15,859 वोट हासिल किए। जो निर्दलीयों के प्रभाव को और मजबूत करता है।
चुनाव के नतीजों ने हरियाणा में भाजपा की मजबूत पकड़ को फिर से साबित किया है। जबकि आप और निर्दलीय उम्मीदवारों ने कई सीटों पर परिणामों को प्रभावित किया। इस चुनाव ने हरियाणा की राजनीति में एक नया अध्याय खोला है। जिसमें भाजपा ने स्पष्ट बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है। लेकिन चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक ताकतों के प्रभाव को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।












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