Haryana Chunav 2024: क्यों इन 23 सीटों पर BJP को उम्मीदवार उतारने में हो रही देरी? मेवात की 'तिकड़ी' पर कशमकश
Haryana Chunav 2024 BJP Candidates Second List: हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनाव के लिए 90 सीटों पर मतदान 5 अक्टूबर को होने हैं। राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों की घोषणा और चुनावी तैयारी में जुट गए हैं।
इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP), जननायक जनता पार्टी (JJP), इंडियन नैशनल लोकदल (इनेलो), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। बीजेपी ने अपनी पहली सूची में 67 उम्मीदवारों का ऐलान किया है और अब बाकी 23 सीटों पर मंथन जारी है। आखिर क्यों बीजेपी को शेष सीटों पर उम्मीदवार उतारने में हो रही देरी? आइए जानते हैं...

इन सीटों पर बीजेपी का मंथन जारी
बीजेपी जिन 23 सीटों पर अभी अपने उम्मीदवार घोषित नहीं कर पाई है, उनमें नारायणगढ़, पुंडरी, राई, असंध, गन्नौर, बरौदा, जुलाना, नरवाना, डबवाली, सिरसा, ऐलनाबाद, रोहतक, महेंद्रगढ़, नारनौल, बावल, पटौदी, नूंह, फिरोजपुर झिरका, पुन्हाना, हथीन, होडल, फरीदाबाद एनआईटी और बड़खल शामिल हैं।
मेवात की तीन सीटों पर कशमकश
मेवात इलाके की तीन प्रमुख सीटें - नूंह, फिरोजपुर झिरका और पुन्हाना पर अभी भी बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है। इन सीटों पर 2019 के चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। इस बार भी कांग्रेस और इनेलो का यहां दबदबा माना जा रहा है। मेवात की इन तीनों सीटों पर मुस्लिम मतदाता 70-80 फीसदी तक हैं, और यही कारण है कि बीजेपी अपने उम्मीदवार चुनने में कशमकश में है।
मेवात में बीजेपी की चुनौती
2023 में नूंह में हुई हिंसा के बाद से इस इलाके में बीजेपी के खिलाफ नाराजगी बढ़ी है। मुस्लिम बहुल इलाका होने के कारण यहां पर बीजेपी को अब तक खास सफलता नहीं मिली है। 2019 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने यहां से मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था, लेकिन जीत नहीं मिल पाई थी।
मेवात की तीनों सीटों पर प्रमुख दावेदार
- नूंह सीट: यहां से जाकिर हुसैन, सुरेंद्र सिंह पिंटू, और जाहिद हुसैन प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। जाकिर हुसैन तीन बार विधायक रह चुके हैं और इस क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है।
- पुन्हाना सीट: याद राम गर्ग, एजाज अहमद, गोपाल पटेल और सलीम सरपंच टिकट के लिए जोर लगा रहे हैं।
- फिरोजपुर झिरका सीट: नसीम अहमद और आजाद मोहम्मद जैसे बड़े नाम सामने हैं। दोनों पूर्व विधायक रह चुके हैं और इस बार भी टिकट पाने के लिए सक्रिय हैं।
बीजेपी की रणनीति
बीजेपी इस बार सोच-समझकर अपने उम्मीदवारों का चयन करना चाह रही है, खासकर मेवात की सीटों पर। मुस्लिम उम्मीदवार उतारना है या किसी और समुदाय से उम्मीदवार चुनना है, इस पर पार्टी में मंथन चल रहा है। पिछले चुनावों में मेवात क्षेत्र में बीजेपी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई थी, इसीलिए इस बार पार्टी कोई बड़ा जोखिम नहीं उठाना चाहती।
हरियाणा के आगामी विधानसभा चुनाव 2024 में सभी दल पूरी तैयारी में जुटे हैं। बीजेपी की रणनीति मेवात की तीन सीटों पर अभी तय नहीं हो पाई है, जोकि आने वाले दिनों में साफ होगी। इस बार के चुनाव में जातीय समीकरण और पिछली हिंसा के बाद के हालात खास भूमिका निभाने वाले हैं।
क्या कहते हैं 23 सीटों के जातीय समीकरण?
नारायणगढ़
- पंजाबी: 35%
- जाट: 25%
- दलित (SC): 20%
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 15%
- अन्य: 5%
पुंडरी
- जाट: 40%
- दलित (SC): 25%
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 20%
- अन्य: 15%
राई
- जाट: 30%
- ओबीसी: 25%
- मुस्लिम: 15%
- दलित (SC): 20%
- अन्य: 10%
असंध
- जाट: 35%
- दलित (SC): 30%
- ओबीसी: 25%
- अन्य: 10%
गन्नौर
- जाट: 40%
- गुर्जर: 20%
- दलित (SC): 25%
- अन्य: 15%
बरौदा
- जाट: 50%
- दलित (SC): 30%
- अन्य: 20%
जुलाना
- जाट: 45%
- दलित (SC): 25%
- ओबीसी: 20%
- अन्य: 10%
नरवाना
- जाट: 40%
- दलित (SC): 30%
- ओबीसी: 20%
- अन्य: 10%
डबवाली
- पंजाबी: 35%
- जाट: 30%
- दलित (SC): 25%
- अन्य: 10%
सिरसा
- पंजाबी: 30%
- दलित (SC): 30%
- जाट: 25%
- अन्य: 15%
ऐलनाबाद
- जाट: 50%
- सिख: 20%
- दलित (SC): 20%
- अन्य: 10%
रोहतक
- जाट: 45%
- दलित (SC): 25%
- ओबीसी: 20%
- अन्य: 10%
महेंद्रगढ़
- गुर्जर: 40%
- जाट: 25%
- ओबीसी: 20%
- दलित (SC): 15%
नारनौल
- गुर्जर: 40%
- ओबीसी: 25%
- जाट: 20%
- दलित (SC): 15%
बावल
- जाट: 40%
- दलित (SC): 30%
- ओबीसी: 20%
- अन्य: 10%
पटौदी
- गुर्जर: 40%
- जाट: 30%
- दलित (SC): 20%
- अन्य: 10%
नूंह
- मुस्लिम: 80%
- गुर्जर: 10%
- दलित (SC): 5%
- अन्य: 5%
फिरोजपुर झिरका
- मुस्लिम: 85%
- गुर्जर: 10%
- दलित (SC): 3%
- अन्य: 2%
पुन्हाना
- मुस्लिम: 80%
- गुर्जर: 10%
- दलित (SC): 5%
- अन्य: 5%
हथीन
- मुस्लिम: 70%
- दलित (SC): 20%
- ओबीसी: 5%
- अन्य: 5%
होडल
- जाट: 35%
- दलित (SC): 30%
- ओबीसी: 20%
- अन्य: 15%
फरीदाबाद एनआईटी
- ओबीसी: 35%
- दलित (SC): 30%
- मुस्लिम: 20%
- अन्य: 15%
बड़खल
- पंजाबी: 40%
- गुर्जर: 25%
- ओबीसी: 20%
- दलित (SC): 15%
नोट- ये आंकड़े अनुमानित हैं और क्षेत्रीय जातिगत समीकरणों में समय के साथ बदलाव हो सकते हैं। वनइंडिया इसपर दावा नहीं करता है।












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