Gurugram Rape Case: 3 साल की बच्ची को पड़ोसी ने बनाया हवस का शिकार, शव को गड्ढे में दफनाया-आरोपी दबोचा गया
Gurugram Rape Case: गुरुग्राम के सेक्टर-37 थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है। एक 3 साल (कुछ रिपोर्ट्स में 3.5 साल) की मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी ने दुष्कर्म किया, फिर गला दबाकर हत्या कर दी और शव को खाली प्लॉट में गड्ढे में दफना दिया। पुलिस ने आरोपी को रातों-रात गिरफ्तार कर लिया और उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया।

Gurugram Crime News Hindi: मासूम को बनाया अपनी हवस का शिकार!
बच्ची गुरुवार शाम (19 फरवरी 2026) करीब 7-7:15 बजे घर के पास खेल रही थी। आरोपी (पड़ोसी) ने उसे बहला-फुसलाकर ले गया और करीब 4 किलोमीटर दूर सेक्टर-37 इंडस्ट्रियल एरिया के पास खाली प्लॉट में ले जाकर दुष्कर्म किया। इसके बाद, साक्ष्य मिटाने के लिए आरोपी ने बच्ची का गला दबाकर हत्या कर दी। शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया। बच्ची के माता-पिता ने रात करीब 12:15 बजे मिसिंग रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को संदिग्ध मानकर उसी रात हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल लिया और शव की लोकेशन बताई। गुरुवार-शुक्रवार (19-20 फरवरी 2026) के दरम्यानी रात करीब 2 बजे शव बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
कैसे बच्ची को बनाया टारगेट?
आरोपी की पहचान शिवनाथ (24-25 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बिहार के सुपौल जिले का रहने वाला है। सेक्टर-37 में स्क्रैप फैक्ट्री/मैन्युफैक्चरिंग फर्म में काम करता था और पीड़िता के साथ ही बिल्डिंग/पड़ोस में रहता था। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी अक्सर बच्ची के साथ खेलता था, जिससे वह भरोसा कर लेती थी।
पुलिस क्या कह रही है?
गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप तुरान ने बताया कि आरोपी ने बच्ची को बहलाकर 4 किमी दूर ले जाकर दुष्कर्म किया, फिर गला दबाकर मार डाला और शव को गड्ढे में दफना दिया। CCTV और पूछताछ से आरोपी पकड़ा गया। केस बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या) और POCSO एक्ट की धारा 6 (गंभीर यौन अपराध) के तहत दर्ज है। आरोपी को जल्द अदालत में पेश किया जाएगा।
इस घटना से पूरे इलाके में आक्रोश और डर का माहौल है। बच्ची के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है और फॉरेंसिक टीम ने सबूत जुटाए हैं। बच्चों की सुरक्षा के लिए पड़ोस, CCTV और त्वरित पुलिस कार्रवाई कितनी जरूरी है, यह घटना फिर से उजागर करती है। POCSO एक्ट के तहत ऐसे मामलों में सख्त सजा का प्रावधान है।
सलाह: अगर कोई बच्चा खतरे में है या ऐसी कोई जानकारी है, तो तुरंत 100 (पुलिस) या 1098 (चाइल्डलाइन) पर कॉल करें।












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