BJP सांसद ने किसानों को बताया था 'बेरोजगार दारूबाज', गुस्साए ग्रामीणों ने तोड़ी कार
रोहतक, 05 नवंबर: हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद में विश्वकर्मा धर्मशाला का शिलान्यास करने के लिए पहुंचे बीजेपी सांसद रामचंद्र जांगड़ा को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही किसानों को इस बात की भनक लगी, वे वहां पहुंचकर बीजेपी के सांसद के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसानों के एक समूह ने हरियाणा के हिसार जिले में बीजेपी सांसद को काल झंडे दिखाए इस दौरान, किसानों और पुलिस के बीच झड़प में बीजेपी सांसद की कार का शीशा भी टूट गया।
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दरअसल सांसद रामचंद्र जांगड़ा हिसार के नारनौंद में जांगड़ा धर्मशाला की नींव रखने के लिए पहुंचे थे। जहां किसान बड़ी संख्या में विरोध करने के लिए एकजुट हो गए। दूसरी तरफ प्रशासन की तरफ से भी मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने चारों तरफ बैरिकेड लगाकर सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए हुए थे। हालांकि, किसानों की संख्या ज्यादा होने के चलते पुलिस उन पर कंट्रोल नहीं कर सकी।
सांसद का विरोध करने के लिए किसान काले झंडों के साथ मौके पर पहुंच और जिस गली से राज्यसभा सांसद को जाना है उस गली में ट्रैक्टर ट्रॉली को खड़ी कर रास्ता बंद कर दिया। पुलिस दूसरे रास्ते से सांसद को कार्यक्रम स्थल तक लाई। इसके बाद किसानों ने सांसद का विरोध करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया जिसके बाद पुलिस ने किसानों पर लाठियां चलानी शुरू कर दी।
विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया है जिसमें कई किसान घायल हुए हैं, सातरोड़ वासी कुलदीप को ज्यादा चोटें आई हैं और उसको गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं किसानों का दावा है कि उनके कई किसान साथियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। किसानों को इस बात पर ज्यादा गुस्सा है कि बीजेपी सांसद को रोहतक में गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान उनके लिए लफंगा और दारूबाज जैसे शब्दों का प्रयोग किया है।
उन्होंने किसानों को "बेरोजगार शराबी" कहते हुए जोर दिया था कि विरोध करने वालों में से कोई भी किसान नहीं था। बीजेपी राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने मांग की है कि जिन लोगों ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। एक बार पहले ही इस तरह की बयानबाजी करने पर किसानों ने सांसद का रामायण टोल पर घेराव किया था उसके बाद सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने माफी मांगी तब किसानों ने उन्हें जाने दिया था।












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