Lado Laxmi: इस योजना में नाम जुड़वाने से क्यों कतरा रही हैं महिलाएं? जानिए ये वजह, आवेदन की समय सीमा बढ़ी
Deendayal Lado Laxmi Yojana: हरियाणा सरकार की महत्वाकांक्षी 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना' 1 नवंबर से पूर्ण रूप से शुरू होने वाली है, लेकिन लॉन्च के एक महीने बाद भी महिलाओं की भागीदारी उम्मीद से काफी कम साबित हो रही है। 25 सितंबर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा लॉन्च की गई इस योजना के लिए अब तक मात्र 6.5 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है, जबकि सरकारी अनुमान के मुताबिक 20 लाख से अधिक महिलाएं इसके पात्र हैं।
समाज कल्याण, पंचायत और क्रीड़ा विभाग संयुक्त रूप से संचालित इस योजना में महिलाओं को हर महीने 2,100 रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा है, लेकिन भ्रांतियां और जानकारी की कमी ने इसे पटरी से उतार दिया है। बुधवार को मुख्यमंत्री को दी गई रिपोर्ट में अधिकारियों ने खुलासा किया कि राशन कार्ड कटने का डर महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है।

महिलाओं के बीच फैली अफवाहों के कारण आवेदन प्रक्रिया ठप्प हो गई है। फतेहाबाद जिले में जहां 95,000 महिलाएं पात्र हैं, वहीं मात्र 4,360 आवेदन ही दर्ज हुए, जिनमें से 501 संदिग्ध पाए गए। इसी तरह, राज्य भर में ऐप डाउनलोड तो 50,000 से अधिक हो चुके हैं, लेकिन केवल 8,000 आवेदन ही जमा हुए। सरकार ने अब 25 अक्टूबर की तय समय सीमा को हटा दिया है और 31 अक्टूबर तक आवेदन स्वीकार करने का फैसला लिया है, ताकि संख्या 8 लाख तक पहुंच सके। लेकिन सवाल वही है-महिलाएं क्यों डर रही हैं और इस गलतफहमी को कैसे दूर किया जाए?
योजना का उद्देश्य और लाभ: महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना हरियाणा सरकार की फ्लैगशिप स्कीम है, जिसका मुख्य लक्ष्य आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सशक्त बनाना है। योजना के तहत 23 से 60 वर्ष की आयु वाली महिलाओं को, जिनके परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम है, हर महीने 2,100 रुपये सीधे बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए दिए जाएंगे। यह राशि महिलाओं की सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक स्वावलंबन को मजबूत करने के लिए है। बजट में 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पहले चरण में बीपीएल (बिल्कुल गरीबी रेखा) या एएवाई (एंटाइटल्ड एंटाइटल्ड व्हाट्सएवर) राशन कार्ड धारक महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है। तलाकशुदा, विधवा या कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही महिलाओं को भी लाभ मिलेगा। एक परिवार में एक से अधिक महिलाएं पात्र हो सकती हैं, बशर्ते वे अन्य समान योजनाओं का लाभ न ले रही हों।
पात्रता मानदंड: कौन ले सकती हैं लाभ?
- आयु: 23 वर्ष से अधिक (कुछ स्रोतों में 18 वर्ष से अधिक उल्लेखित, लेकिन आधिकारिक 23 वर्ष)।
- निवास: हरियाणा की स्थायी निवासी; विवाहित महिलाओं के पति कम से कम 15 वर्ष से राज्य के निवासी हों।
- आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम।
- अन्य: बीपीएल/एएवाई राशन कार्ड, कोई आयकर दाता या वेतनभोगी सदस्य न हो। अन्य सरकारी योजनाओं (जैसे लाडली योजना) का लाभ न ले रही हों।
आवेदन प्रक्रिया: मोबाइल ऐप से घर बैठे, लेकिन जागरूकता की कमी
आवेदन पूरी तरह डिजिटल है। 'दीनदयाल लाडो लक्ष्मी' ऐप डाउनलोड कर या ppp-office.haryana.gov.in पर जाकर फॉर्म भरें। प्रक्रिया सरल है:
- ऐप/पोर्टल पर रजिस्टर करें (आधार से लिंक मोबाइल नंबर से)।
- फॉर्म में व्यक्तिगत विवरण, परिवार के आधार नंबर, आय प्रमाण पत्र अपलोड करें।
- ई-केवाईसी पूरा करें और सबमिट करें।
- अप्रूवल के बाद पहली किस्त नवंबर में खाते में आएगी।
- सरकार ने संभावित पात्र महिलाओं को एसएमएस भेजे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में साक्षरता और स्मार्टफोन की कमी बाधा बन रही है।
क्यों कम आवेदन? राशन कार्ड कटने का डर और अन्य भ्रांतियां
राशन कार्ड कटने का भय: कई महिलाओं को लगता है कि योजना का लाभ लेने पर उनका गुलाबी (बीपीएल) या पीला (एएवाई) राशन कार्ड कट जाएगा, जिससे सस्ता अनाज और अन्य लाभ छिन जाएंगे। यह अफवाह सोशल मीडिया और मुहल्लों में फैली हुई है।
- आय सीमा की सख्ती: 1 लाख रुपये की सीमा को बहुत कम मान रही हैं महिलाएं। एक ग्रामीण महिला ने कहा, "योजना अच्छी है, लेकिन हमारी आय तो 1.5 लाख हो जाती है, तो बाहर।"
- जानकारी की कमी: ग्रामीण इलाकों में जागरूकता अभियान कमजोर। कई महिलाओं को ऐप चलाना नहीं आता, या वे डरती हैं कि आवेदन में गलती हो जाएगी।
- दस्तावेजों की जटिलता: आय प्रमाण पत्र, आधार लिंक बैंक खाता आदि जुटाने में परेशानी।
- फतेहाबाद जैसे जिलों में केवल 4% पात्र महिलाओं ने ही आवेदन किया, जो राज्य की औसत (3%) से थोड़ा बेहतर है।
सरकार की पहल: गलतफहमी दूर करने के उपाय, मुख्यमंत्री सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं:
- जागरूकता कैंप: गांव-गांव में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और पंचायत सदस्यों के जरिए कैंप लगाएं। एसएमएस के अलावा रेडियो, टीवी पर विज्ञापन बढ़ाएं।
- हेल्पलाइन: 1800-XXX-XXXX पर कॉल कर सवाल सुलझाएं। वेबसाइट पर FAQ सेक्शन अपडेट करें।
- स्पष्टीकरण: आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया कि राशन कार्ड पर कोई असर नहीं पड़ेगा। योजना अन्य लाभों से स्वतंत्र है।
- समय विस्तार: 31 अक्टूबर तक आवेदन, और ऑफलाइन सेंटर खोले जाएंगे।
विपक्ष (कांग्रेस) ने इसे 'चुनावी जुमला' बताया, लेकिन सरकार का दावा है कि पहले चरण में ही 20% लक्ष्य हासिल हो जाएगा।
आवश्यक दस्तावेज: पहले से तैयार रखें
- दस्तावेज,विवरण
- आधार कार्ड,महिला और परिवार के सदस्यों का
- राशन कार्ड,बीपीएल/एएवाई
- आय प्रमाण पत्र,1 लाख से कम
- बैंक खाता विवरण,आधार से लिंक
- निवास प्रमाण पत्र,हरियाणा का
- पासपोर्ट साइज फोटो,हाल की
जागरूकता से ही बनेगी योजना सफल
दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, लेकिन सफलता जागरूकता पर निर्भर है। यदि राशन कार्ड जैसे डर दूर हो जाएं, तो 20 लाख महिलाएं इसका लाभ उठा सकती हैं। ग्रामीण महिलाओं से बातचीत में एक ने कहा, "अगर कार्ड सुरक्षित रहेगा, तो कल ही अप्लाई करूंगी।" सरकार को अब तेजी से जमीनी स्तर पर काम करना होगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक ऐप या वेबसाइट चेक करें। क्या यह योजना वाकई 'लाडो' को मजबूत बनाएगी? आने वाले महीने बताएंगे।












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