लॉकडाउन का तोड़ निकालेगा अब 'लॉक-इन', PM मोदी की सलाह पर CM खट्टर बनाएंगे कमेटियां
चंडीगढ़। कोरोना वायरस के संक्रमण को थामने के लिए पूरे देश में लागू लॉकडाउन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राज्यों के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांर्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत हो रही है। जिसमें लॉकडाउन को जारी रखने या इसके बजाए कोई और उचित कदम उठाने पर सलाह-मशविरा चल रहा है। शनिवार शाम को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा, ''लॉकडाउन अभी जारी रहेगा। मगर हमने मध्यम-पिछड़े तबके को राहत देने के लिए सोचा है। मेरी प्रधानमंत्री से बात हुई, तो उन्होंने 'लॉक-इन' शब्द का प्रयोग किया। अब हमें 'लॉक-इन' की स्थिति बनानी होगी। मतलब कि, जो लघु उद्योग के संस्थान हैं और जहां कम लोग काम करते हैं उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग फॉलो करनी होगी। उन्हें अपने कार्यस्थल पर ही रहना होगा, एक दूसरे से दूरी बनाकर। वहीं उनके सोने-खाने की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जाएगी।'
Recommended Video

सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए कमेटियां बनेंगी
मुख्यमंत्री खट्टर ने आगे कहा कि, हम 'लॉक-इन' को ध्यान में रखते हुए कमेटियां बनाएंगे। आमजन को इसका फायदा होगा। जोर इस पर देंगे कि, लोग सोशल डिस्टेंसिंग न भूलें। 'लॉक-इन' की स्थिति में लघु उद्योग, छोटे व्यापारिक संस्थान, व्यापारिक तबके से निवेदन करता हूं कि, वे आज ही बैठकर इस पर बात करें। हम भी सोशल डिस्टेंसिंग की कमेटियां बनांएगे, जो कोरोना महामारी से निपटने के लिए लोगों को समझाएंगी। वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराएंगी।

'कोई हरियाणावासी भूख न सोए ये ध्यान रखना है'
मुख्यमंत्री की अगुवाई में हाल ही हुई सर्वदलीय बैठक में सभी पार्टियों के साथ आने पर बात हुई। जहां सीएम ने कहा कि, हम सबको यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी हरियाणावासी भूखा न सोए। कई विपक्षी नेताओं ने हरियाणा सरकार द्वारा खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने की तारीफ की। इन नेताओं ने कहा कि खरीद के दौरान इन पर सरकार की निगरानी होनी चाहिए। कुछ नेताओं ने सरसों खरीद केंद्र बढ़ाए जाने की भी बात कही। सरकार द्वारा नि:संकोच ऋण लेने तथा तहसीलों में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए रजिस्ट्रेशन का काम शुरू करने जैसे विषय पर भी आम सहमति बनी।

मंत्री-विधायकों के वेतन में 30% कटौती होगी
आमजन के हित में निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने तय किया कि, मंत्री-विधायकों के वेतन में एक साल के लिए 30% कटौती होगी। सर्वदलीय बैठक में ज्यादातर नेताओं ने इस बात पर भी सहमति दी कि, विधायक अपनी 1-1 महीने की तनख्वाह कोरोना रिलीफ फंड को भी देंगे। राजनैतिक पार्टियों द्वारा अपनी क्षमता अनुसार तथा पूर्व विधायकों द्वारा अपनी पेंशन में से भी कोरोना रिलिफ फंड में अंशदान दिया जा सकता है।

सैनिटाइजेशन के लिए 2588 ग्राम पंचायतों को फंड
राज्य सरकार ने 2588 ग्राम पंचायतों के सैनिटाइजेशन के लिए 5 करोड 18 लाख रुपये की राशि भी जारी की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि, ये राशि उन पंचायतों को मिलेगी, जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है। जरूरत पड़ने पर अन्य पंचायतों (जिनकी आय 2 लाख रुपये से है अधिक है) पर भी रकम खर्च की जा सकेगी। सरकार अब प्रत्येक ग्राम पंचायत पर औसतन 20 हजार रुपये सैनिटाइजेशन के लिए खर्च कर सकती है।

160 कर्मचारियों ने पूरी सैलरी फंड को दान की
कोरोना लॉकडाउन से कमजोर वर्ग एवं पीड़ितों को उबारने के लिए हरियाणा रिलीफ फंड में फंडिंग हो रही है। जिसमें मदद देने वालों की लाइन लग गई है। शुक्रवार तक 160 कर्मचारियों ने अपनी पूरी की पूरी सैलरी दान कर दी। इस मामले में कई चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी पीछे नहीं रहे। टीचर से लेकर, पुलिसकर्मी, स्टाफ नर्स, चतुर्थश्रेणी हर सरकारी कर्मचारी सहयोग करता दिख रहा है। सीएम खट्टर ने खुद वीडियो कॉन्फ्रेंस करके इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने ऐसे चंद कर्मचारियों से बात भी की। बताया कि, हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड में 72 करोड़ से ज्यादा राशि आ चुकी है।

हरियाणा में अब 11 स्पेशल कोविड हॉस्पिटल
वहीं, राज्य के स्वास्थ्य विभाग की ओर से घोषित किया गया है कि, राज्य के 11 अस्पतालों को कोविड स्पेशल अस्पताल के रूप में तब्दील कर दिया गया है। इन अस्पतालों में सिर्फ कोरोना पीड़ितों को लाया जाएगा। इन लोगों के लिए 2900 बेड रिजर्व किए गए हैं। माना जा रहा है कि, हरियाणा सरकार द्वारा यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि अस्पताल में आने वाले सामान्य लोगों को संक्रमण से बचाया जा सके।

हाॅट स्पॉट घोषित जिले से 450 सैंपल लिए जाएंगे
सरकार ने यह भी कहा कि, बढ़ते कोरोना मरीजों को देखते हुए हरियाणा भर में 14 अप्रैल तक 6500 सैंपल लिए जा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, सूबे में अब तक 3 हजार से ज्यादा सैंपल लिए जा चुके हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा भी की थी। बैठक में तय हुआ कि जिन जिलों में ज्यादा मरीज सामने आए हैं, उस हर जिले से 450 सैंपल लिए जाएंगे।












Click it and Unblock the Notifications