Gwalior news: एकजुट होने के लिए इकट्ठा हुआ था समाज और फिर होने लगा विवाद
ग्वालियर में जाटव समाज की महापंचायत में विवाद, भीम आर्मी के पदाधिकारी से हाथापाई, एकजुटता दिखाने बुलाई गई थी महापंचायत
Gwalior में एकजुट दिखाने के लिए जाटव समाज इकट्ठा हुआ था, महापंचायत भी बुलाई गई थी लेकिन इस महापंचायत में ही विवाद हो गया। विवाद के दौरान मौके पर लघु उद्योग नियम की अध्यक्ष इमरती देवी भी मौजूद थीं।

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गोहिंदा गांव में बुलाई गई थी महापंचायत
ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा में स्थित गोहिंदा गांव में महापंचायत का आयोजन किया गया था। इस महापंचायत में सैकड़ों की संख्या में जाटव समाज के लोग शामिल हुए थे। पंचायत में भीम आर्मी के पदाधिकारी भी शामिल हुए थे। इसके साथ ही लघु उद्योग निगम की अध्यक्ष इमरती देवी भी पंचायत में मौजूद थीं।
डॉ.भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर बुलाई गई थी महापंचायत
इस महापंचायत का आयोजन भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को लेकर किया गया था। गोहिंदा गांव में एक विवादित जमीन पर पिछले दिनों जाटव समाज द्वारा डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना कर दी गई। विवादित जमीन पर भगत सिंह रावत ने अपना मालिकाना हक जताते हुए प्रतिमा को वहां से हटाने की मांग की लेकिन जाटव समाज प्रतिमा स्थल के हटाए जाने के विरोध में उतर आया और मौके पर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रतिमा स्थल पर बुलाई गई महापंचायत
जाटव समाज द्वारा प्रतिमा स्थल पर लगातार धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान प्रतिमा स्थल पर महापंचायत का आयोजन भी किया गया। जाटव समाज की इस महापंचायत में शामिल भीम आर्मी के पदाधिकारी रूपेश केन के साथ हाथापाई हो गई। जाटव समाज के ही कुछ लोगों ने रूपेश के साथ हाथापाई कर दी। मौके पर समाज के लोगों में विवाद को लेकर एक समय के लिए अफरा-तफरी मच गई।
राजनीतिक इशारे पर की गई हाथापाई
भीम आर्मी के पदाधिकारियों का आरोप है कि राजनीतिक इशारे पर महापंचायत में यह हाथापाई की गई है, कुछ दबंग नेताओं के इशारे पर उनके समर्थकों ने न केवल हाथापाई की बल्कि गले की सोने की चेन भी तोड़ ली, महापंचायत में राजनीतिक इशारे पर माहौल खराब करने का काम किया गया है।
एकजुटता दिखाने के लिए हुए जमा लेकिन हो गया विवाद
डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना को लेकर बुलाई गई जाटव समाज की महापंचायत में ही समाज के लोग आपस में भिड़ गए। जहां एकजुटता दिखाने के लिए समाज की महापंचायत बुलाई गई थी वहां विवाद होने के बाद समाज में फूट भी नजर आई हालांकि इमरती देवी ने कहा कि पूरा समाज एकजुट है और सरकारी जमीन पर बाबा साहब की प्रतिमा स्थापित की गई है इसलिए यह प्रतिमा यही स्थापित रहेगी।












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