ओबीसी आरक्षण को लेकर प्रदेश में गरमाया सियासी माहौल, ओबीसी महासभा ने 21 मई को किया प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान
नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच प्रदेश मे ओबीसी आरक्षण को लेकर सियासी संग्राम शुरु हो गया है।
ग्वालियर, 14 मई। नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में ओबीसी के 27% आरक्षण को लेकर मध्यप्रदेश में अब सियासी हलचल तेज हो गई है। नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटी बीजेपी और कांग्रेस हर हाल में ओबीसी वोट बैंक को अपने पक्ष में करने के लिए रणनीतियां बना रही हैं। वहीं इस बीच चुनावों में 27% आरक्षण की मांग करते हुए ओबीसी महासभा ने 21 मई को प्रदेशव्यापी बंद बुलाने का आह्वान भी किया है।

प्रदेश में होने जा रहे पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव को लेकर बीजेपी और कांग्रेस दोनों एक दूसरे को ओबीसी विरोधी बताते हुए बयानबाजी जारी कर रहे हैं। दोनों ही दल अपने-अपने पक्ष में ओबीसी वोट बैंक को करने के लिए ओबीसी वर्ग के हिमायती बनते नजर आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कांग्रेस के टिकट वितरण में ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने की बात कही है वहीं बीजेपी भी ओबीसी के हित के लिए खुद को सबसे आगे बता रही है। प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा ओबीसी आरक्षण के द्वारा दिए गए फैसले पर पुनर्विचार कर संशोधन के लिए आवेदन दिया है तो वहीं ओबीसी महासभा ने आरक्षण की मांग करते हुए 21 मई को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान कर दिया है।
बीजेपी को ओबीसी विरोधी बताते हुए कांग्रेस ने लगाए आरोप
कांग्रेस द्वारा बीजेपी को ओबीसी का विरोधी बताते हुए बीजेपी पर आरोप लगाना शुरू कर दिए हैं। शुक्रवार को ग्वालियर में कांग्रेस पार्टी द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित करके यह आरोप लगाए गए कि बीजेपी षड्यंत्र रचकर ओबीसी आरक्षण को लागू नहीं होने दे रही है। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में बीजेपी की सरकार है इसके बावजूद न्यायालय में पूरे तथ्य पेश नहीं किए गए इस वजह से चुनावों में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण लागू नहीं हो सका। साथ ही ग्वालियर के कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि कमलनाथ सरकार के समय कांग्रेस ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण देने के लिए सदन में प्रस्ताव लाई थी।
बीजेपी ने भी कांग्रेस पर कर दिया तुरंत पलटवार
इधर कांग्रेस पार्टी की प्रेस वार्ता खत्म भी नहीं हुई थी कि कुछ देर बाद ही शहर के एक निजी होटल में बीजेपी नेताओ और ऊर्जा मंत्री ने प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस पर ओबीसी विरोधी होने का ठीकरा फोड़ दिया। प्रेस वार्ता में शामिल ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर एवं अन्य बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस की गलत नीतियों के कारण ही ओबीसी वर्ग अभी तक आरक्षण से वंचित है। साथ ही बीजेपी नेताओं ने नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों में ओबीसी वर्ग को 27% आरक्षण के साथ चुनाव मैदान में उतारने की बात भी कही है।
ओबीसी वर्ग ने अपनी लड़ाई खुद लड़ने के लिए कसी कमर
बीजेपी और कांग्रेस के आरोप-प्रत्यारोप के बीच ओबीसी वर्ग ने भी अपनी लड़ाई खुद लड़ने के लिए कमर कस ली है। ओबीसी महासभा ने ओबीसी वर्ग के लिए नगरीय निकाय एवं पंचायत चुनाव में 27% आरक्षण लागू करने की मांग करते हुए 21 मई को प्रदेशव्यापी बंद का आह्वान किया है। ओबीसी महासभा द्वारा प्रदेशव्यापी बंद को लेकर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं।
अब देखना होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है
बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही दल ओबीसी वर्ग के वोट को अपने पक्ष में करने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं और बयानबाजी भी दे रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि अगर नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव होते हैं तो ओबीसी वर्ग बीजेपी और कांग्रेस में से आखिर किस दल को अपना वोट देता है।












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