अब सरकारी स्कूलों में लगेंगे सरकारी शिक्षकों के फोटो, जानिए वजह
अब मध्यप्रदेश के शासकीय स्कूलों की कक्षाओं में लगेंगे शिक्षकों के फोटो
ग्वालियर, 27 जुलाई। प्रॉक्सी शिक्षकों पर लगाम लगाने के लिए अब मध्यप्रदेश में सभी शासकीय स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के फोटो उनकी स्कूल की कक्षा में लगाए जाएंगे। इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ली गई मुख्य सचिवों की बैठक के बाद लिया गया है, जिससे प्रॉक्सी शिक्षकों की रोकथाम हो सके।

प्रॉक्सी शिक्षकों की मिल रही थी शिकायत
मध्य प्रदेश के कई शासकीय स्कूल ऐसे हैं जिनमें वास्तविक शिक्षक न पढ़ाते हुए वहां प्रॉक्सी शिक्षक पढ़ा रहे थे। इसकी शिकायतें लगातार सरकार को मिल रही थी। इसलिए एक ठोस रणनीति बनाए जाने की जरूरत थी, जिससे प्रॉक्सी शिक्षकों पर लगाम लग सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ली मुख्य सचिवों की बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य सचिवों की बैठक ली थी। यह बैठक शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य ली गई थी। इस बैठक के बाद ही इस बात का निर्णय लिया गया कि सभी सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में वास्तविक शिक्षकों के फोटो लगाए जाएंगे। इस आदेश के पालन में 22 अगस्त तक सभी स्कूलों में शिक्षकों के फोटो लगाए जाना अनिवार्य कर दिया है।
छत्तीसगढ़ में हो चुकी है यह व्यवस्था लागू
मध्य प्रदेश से पहले यह व्यवस्था छत्तीसगढ़ राज्य में लागू हो चुकी है। छत्तीसगढ़ राज्य में इस व्यवस्था को 19 जुलाई को ही लागू कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ के शासकीय स्कूलों में भी वास्तविक शिक्षकों की फोटो कक्षाओं में लगाए गए हैं।
फोटो लगने से शिक्षकों और पालकों को होगी आसानी
कक्षा में वास्तविक शिक्षकों के फोटो लगाए जाने से वहां पढ़ने वाले छात्रों और उनके पालकों को यह जानने में आसानी होगी कि छात्रों को पढ़ा रहा शिक्षक वास्तविक शिक्षक है या प्रॉक्सी शिक्षक है। इस व्यवस्था से शिक्षण कार्य में पारदर्शिता भी आएगी। इससे पहले ये पता ही नहीं लग पाता था कि कौन से शिक्षक यहां पदस्थ है। जो शिक्षक पढ़ा रहे हैं वे कहीं प्रॉक्सी शिक्षक तो नहीं है।












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