Gwalior News: रास्ता रोकने वाले अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, अबकी इनकी है बारी
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में नयागाँव क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित लगभग साढ़े तीन बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई है। उच्च न्यायालय द्वारा रास्ता खुलवाने के संबंध में पारित आदेश के पालन में कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर बुधवार को राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुँची और मशीनों के सहयोग से सरकारी जमीन से बेजा कब्जे हटवाए।
अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 4 करोड़ रूपए आंकी गई है। इस कार्रवाई से सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त होने के साथ-साथ याचिकाकर्ता के लिये अपनी जमीन तक जाने का रास्ता भी खुल गया है।

तहसीलदर घाटीगाँव अनिल कुमार नरवरिया ने बताया कि, नयागाँव के सर्वे क्र.-199, 241, 239, 197 व 198 में स्थित सरकारी जमीन से बेजा कब्जा हटाने के लिये विधिवत बेदखली आदेश पारित किया गया। निर्धारित समय-सीमा में जब अनावेदकों द्वारा कब्जे नहीं हटाए गए तब राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शुक्रवार को बेदखली की कार्रवाई की गई।
नरवरिया ने बताया कि, सतेन्द्र तिवारी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ग्वालियर में याचिका लगाई गई थी। जिसमें इस क्षेत्र के निवासी श्री सतेन्द्र तिवारी द्वारा उनकी जमीन की ओर जाने वाले रास्ते को खुलवाने का आग्रह किया गया था। उच्च न्यायालय द्वारा इस याचिका में दिए गए निर्णय के पालन में राजस्व विभाग द्वारा यह कार्रवाई की गई है, इससे सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त होने के साथ-साथ सतेन्द्र तिवारी के लिये अपनी जमीन तक जाने का रास्ता भी खुल गया है।
लगातार जारी है कार्रवाई
मध्यप्रदेश के ग्वालियर में सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिये जिले में चलाई जा रही विशेष मुहिम के तहत जिला प्रशासन की टीम ने शहर के बीचों बीच स्थित बेशकीमती माफी औकाफ की लगभग 10 हजार वर्गफुट जमीन से मशीनों की मदद से बेजा कब्जे हटवाए।
मंगलवार को कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देश पर एसडीएम लश्कर नरेन्द्र बाबू यादव के नेतृत्व में गई संयुक्त टीम ने कोटा लश्कर क्षेत्र में यह कार्रवाई की है। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत लगभग 2 करोड़ रूपए आंकी गई है।
एसडीएम नरेन्द्र बाबू यादव ने बताया कि, ग्राम कोटा लश्कर स्थित सर्वे क्र.-199 माफी औकाफ की जमीन पर कुछ लोगों द्वारा पक्के निर्माण कर बेजा कब्जे कर लिए थे। इन बेजा कब्जों को मंगलवार को हटवाया गया।
उन्होंने बताया कि इस सर्वे क्र. में लगभग 4 हजार वर्गफुट में पपलू खान द्वारा संचालित किया जा रहा स्टील अलमारी कारखाना, सायरा खान द्वारा लगभग 1800 वर्गफुट क्षेत्र में बनाया गया अवैध मकान, विमला कुशवाह द्वारा 3500 वर्गफुट में बनाई गई बाउण्ड्रीवॉल एवं लगभग एक हजार वर्गफुट में बना एक अवैध मकान मशीनों की मदद से ध्वस्त कराए गए। इस प्रकार कुल 10 हजार वर्गफुट सरकारी जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई है।
अतिक्रमण हटाने के लिये गई टीम में तहसीलदार लश्कर विनीत गोयल व शिवदत्त कटारे, जनकगंज थाना प्रभारी व पुलिस बल तथा नगर निगम का मदाखलत दस्ता शामिल था।
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