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MP News: ग्वालियर-चंबल को बड़ी सौगात, ज्योतिरादित्य सिंधिया और नितिन गडकरी की मुलाकात में हुआ फैसला

Gwalior-Chambal: मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल अंचल के लिए एक और महत्वपूर्ण सौगात मिलने जा रही है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में भिंड से आए एक प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को नई दिल्ली के ट्रांसपोर्ट भवन में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की।

इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-719 (NH-719) को दो लेन से चार लेन में विस्तारित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे गडकरी ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। यह परियोजना भिंड, मुरैना, और ग्वालियर जैसे क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और कनेक्टिविटी को बढ़ावा देगी, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी।

Gift to Gwalior-Chambal Approval to make NH-719 four lane Jyotiraditya Scindia and Nitin Gadkari

NH-719: वर्तमान स्थिति और चुनौतियां

राष्ट्रीय राजमार्ग-719, जो उत्तर प्रदेश के इटावा से शुरू होकर मध्य प्रदेश के भिंड, मुरैना, और ग्वालियर होते हुए राजस्थान के धौलपुर तक जाता है, वर्तमान में केवल दो लेन का है। इसकी सीमित चौड़ाई के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। भिंड के सांसद और स्थानीय नेताओं ने इस मार्ग की खराब स्थिति को बार-बार उठाया था, खासकर क्योंकि यह ग्वालियर-चंबल अंचल को उत्तर प्रदेश और राजस्थान से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण गलियारा है।

प्रतिनिधिमंडल ने गडकरी को बताया कि दो लेन वाला यह राजमार्ग बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को झेलने में असमर्थ है, जिसके कारण सड़क हादसे और जाम की स्थिति आम हो गई है। चार लेन में विस्तार से न केवल सड़क सुरक्षा में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन, और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुलाकात और मंजूरी

17 जून 2025 को ट्रांसपोर्ट भवन में हुई इस मुलाकात में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भिंड से आए प्रतिनिधिमंडल के साथ NH-719 के चौड़ीकरण का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल में भिंड-दतिया लोकसभा सांसद श्रीमती संध्या राय, भाजपा भिंड जिला अध्यक्ष देवेंद्र नरवरिया, और दंदरौआ धाम के प्रमुख संत श्री रामदास महाराज शामिल थे। इसके अलावा अवधूत हरिनिवास जी महाराज, रामभूषण दास जी महाराज, कालिदास जी महाराज, राघवपुरी जी महाराज, उमेश दास जी महाराज, रामधुन दास जी महाराज, और रामेश्वर दास जी महाराज भी मौजूद रहे, जिन्होंने क्षेत्र की जनता की भावनाओं को गडकरी के सामने रखा।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस मुलाकात के बाद X पर पोस्ट करते हुए लिखा, "ग्वालियर-चंबल अंचल को जल्द मिलने जा रही है एक और महत्वपूर्ण सौगात। आज दिल्ली में भिंड से आए प्रतिनिधिमंडल के साथ केंद्रीय मंत्री श्री @nitin_gadkari जी से मुलाकात कर NH-719 के चौड़ीकरण हेतु निवेदन किया गया, जिसे माननीय गडकरी जी ने सहजता से स्वीकार किया।"

नितिन गडकरी ने प्रस्ताव को तत्काल स्वीकृति प्रदान की और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को इस परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के निर्देश दिए। सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना की लागत और समयसीमा का आकलन जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा।

Gift to Gwalior-Chambal Approval to make NH-719 four lane Jyotiraditya Scindia and Nitin Gadkari

ग्वालियर-चंबल के लिए सड़क विकास की प्राथमिकता

ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर-चंबल अंचल के विकास के लिए लगातार सड़क बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। इससे पहले, अप्रैल 2025 में ग्वालियर के पश्चिमी हिस्से में 28.516 किलोमीटर लंबे चार लेन वाले बाइपास को 1347.6 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी, जिसके लिए सिंधिया ने गडकरी का आभार जताया था। इसके अलावा, ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और चंबल एक्सप्रेसवे जैसे मेगा प्रोजेक्ट्स भी क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बढ़ावा दे रहे हैं।

2024 में भी सिंधिया ने गडकरी के साथ ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के लिए 1040 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं पर चर्चा की थी, जिसमें गुना में रिंग रोड, शिवपुरी में कोलारस-नैनागिर रोड, और गwalior-आगरा एक्सप्रेसवे को छह लेन करने जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल थे। ये सभी प्रयास दर्शाते हैं कि ग्वालियर-चंबल को राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जोड़कर क्षेत्र को आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

NH-719 के चौड़ीकरण के लाभ

  • NH-719 को चार लेन में विस्तारित करने से ग्वालियर-चंबल अंचल में कई लाभ होंगे:
  • सड़क सुरक्षा में सुधार: दो लेन के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी। चार लेन का राजमार्ग ट्रैफिक को सुगम बनाएगा और ओवरटेकिंग के दौरान हादसों को रोकेगा।
  • आर्थिक विकास: भिंड, मुरैना, और ग्वालियर जैसे क्षेत्रों में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। यह मार्ग उत्तर प्रदेश और राजस्थान के साथ माल परिवहन को आसान बनाएगा।
  • पर्यटन को बढ़ावा: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल हैं, जैसे ग्वालियर का किला, चंबल घाटी, और धौलपुर के पर्यटन स्थल। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
  • रोजगार सृजन: सड़क निर्माण और रखरखाव के दौरान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • समय की बचत: चार लेन का राजमार्ग यात्रा के समय को कम करेगा, जिससे भिंड से ग्वालियर और धौलपुर तक की यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी।

सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

इस मंजूरी की खबर ने ग्वालियर-चंबल अंचल में उत्साह पैदा कर दिया है। X पर कई यूजर्स ने ज्योतिरादित्य सिंधिया और नितिन गडकरी की सराहना की। भाजपा कार्यकर्ता रोहन भदौरिया ने लिखा, "केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया जी के विशेष प्रयासों से ग्वालियर-चंबल अंचल को जल्द मिलने जा रही है एक और महत्वपूर्ण सौगात।"

भिंड-दतिया सांसद संध्या राय ने भी X पर इस मुलाकात का जिक्र करते हुए लिखा, "आज दिनांक 17 जून को दोपहर 12 बजे एनएच क्रमांक 719 के यथाशीघ्र चौड़ीकरण के संबंध में सड़क परिवहन मंत्री आदरणीय श्री @nitin_gadkari जी से भेंट कर चर्चा की।"

वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने इस मंजूरी को सियासी स्टंट करार दिया। कांग्रेस नेता कमलनाथ ने X पर लिखा, "भाजपा हर बार चुनाव से पहले सड़क परियोजनाओं की घोषणाएं करती है, लेकिन धरातल पर काम धीमा रहता है। NH-719 का चौड़ीकरण पहले क्यों नहीं हुआ?" जवाब में, भाजपा प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी ने कहा, "सिंधिया जी के नेतृत्व में ग्वालियर-चंबल क्षेत्र अभूतपूर्व विकास देख रहा है। कांग्रेस को केवल आलोचना करने की आदत है।"

ग्वालियर-चंबल का सड़क नेटवर्क: एक नजर

ग्वालियर-चंबल अंचल में सड़क बुनियादी ढांचे के विकास के लिए हाल के वर्षों में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं शुरू की गई हैं:

ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे: 160 किलोमीटर लंबा छह लेन का यह एक्सप्रेसवे ग्वालियर को आगरा से जोड़ेगा, जिससे यात्रा का समय 4 घंटे तक कम हो जाएगा।

चंबल एक्सप्रेसवे: 408.77 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे इटावा (उत्तर प्रदेश) से कोटा (राजस्थान) तक जाएगा, जो भिंड, मुरैना, और शिवपुरी से होकर गुजरेगा।

ग्वालियर में स्वर्ण रेखा एलिवेटेड रोड: 6.5 किलोमीटर लंबा यह चार लेन का एलिवेटेड रोड शहर के ट्रैफिक को कम करने में मदद करेगा।

ग्वालियर बाइपास: 1347.6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 28.516 किलोमीटर का चार लेन बाइपास मुरैना और ग्वालियर को जोड़ेगा।

NH-719 का चौड़ीकरण इन परियोजनाओं का हिस्सा बनकर क्षेत्र के सड़क नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

भविष्य की योजना

NHAI अब NH-719 के चौड़ीकरण के लिए DPR तैयार करेगा, जिसमें मार्ग की लंबाई, लागत, और निर्माण की समयसीमा का विवरण होगा। सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को 2026 तक शुरू करने और 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, "ग्वालियर-चंबल मेरे दिल के करीब है। इस क्षेत्र के विकास के लिए मैं हर संभव प्रयास करूंगा। NH-719 का चौड़ीकरण क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग थी, जिसे अब पूरा किया जाएगा।"

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