घोर लापरवाही : मोबाइल नंबर की वजह से ग्वालियर में फ्रंटलाइन वर्करों को नहीं लगा कोरोना का टीका
ग्वालियर। देशभर में 16 जनवरी से शुरू हुआ कोविड-19 टीकाकरण अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगाया जा रहा है, मगर मध्य प्रदेश के ग्वालियर से कोरोना के खिलाफ जंग मजाक बन जाने का मामला सामने आया है। यहां पर एक मोबाइल नंबर की गलती से कई फ्रंटलाइन वर्कर्स को समय पर टीका नहीं लग पाया है।
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पूरा मामला ये है कि ग्वालियर नगर पालिका निगम के 1087 कर्मचारियों को कोरोना का टीका लगाया जाना था। कोरोना टीकाकरण अभियान की तैयारियों के दौरान इन फ्रंटलाइन वर्कर्स के नामों की सूचि तैयार की गई थी।
सूचि में इनके नाम के साथ-साथ मोबाइल नंबर भी लिखे हुए थे, ताकि समय पर इन्हें टीका लगवाने के लिए मैसेज भेजा जा सके। हुआ ये कि सभी कर्मचारियों के नामों के सामने अलग अलग की बजाय एक ही मोबाइल नंबर लिख दिया गया, जो ग्वालियर नगर पालिका निगम के कार्यालय अधीक्षक राजेश सक्सेना का था।
कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू हुआ तो इन फ्रंटलाइन वर्कर्स को टीका लगवाने के लिए मैसेज किया था। मोबाइल नंबर की गलती की वजह सभी के पास मैसेज नहीं पहुंचा। ग्वालियर में विभिन्न जगहों पर 13 वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन के लिए कोई आया ही नहीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ग्वालियर में सोमवार 8 फरवरी को 5382 लोगों को टीका लगना था लेकिन सिर्फ 1592 लोगों को ही टीका लग पाया। लापरवाही पर हेल्थ अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।












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