Gwalior News: ओवरलोड बस को पकड़कर भूल गया प्रशासन, कलेक्टर पहुंचे तो रो पड़े बच्चे भूख और ठंड से हुए बेहाल
संवाद सूत्र- पंकज श्रीमाली
Gwalior News: गुना हादसे के बाद प्रशासन द्वारा पूरे प्रदेश में बसों के खिलाफ अभियान चल रहा है, लेकिन इस कार्रवाई की हकीकत क्या है यह तब सामने आई, जब बच्चों से ठसाठस भरी एक ओवरलोड बस उसी आरोन से चलकर ग्वालियर तक पहुंच गई। लेकिन उसे न किसी ने रोका और न किसी ने टोका।
लोगों की शिकायत पर ग्वालियर में इसे पुलिस ने रोका। इस बस में 57 यात्री सवार थे जिनमें 40 छात्र थे । खास बात ये कि पकड़ने के बाद प्रशासन ने इन बच्चो की कोई सुध नही ली और वे देर रात तक भूखे- प्यासे सिकुड़ते रहे। मीडिया के लोगों ने जब देर रात इनकी पीड़ा अफसरों को बताई, तब कलेक्टर ने खुद मौके पर पहुंचकर देर रात इन्हें होस्टल भिजवाने की व्यवस्था करवाई।

गुना जिले के आरोन में हुई बस दुर्घटना में 13 लोगों की मौत हो गई थी और एक दर्जन से ज्यादा यात्री अभी भी अस्पताल में हैं। इसके बाद प्रशासन ने ओवरलोड बसों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और अफसरों की हटाई गई। इसी बीच, आरौन से निकली जा रही एक स्लीपर बस को पुलिस ने रोका, जिसमें ओवरलोड यात्री मिले। पुलिस ने तत्काल अधिकारियों को सूचित किया और बच्चों को बस से नहीं रोका गया।
बस में भीड़ इतनी थी कि सिंगल स्लीपर पर तीन तीन छात्रों को बिठाया गया था और डबल स्लीपर में भी चार चार छात्र सवार थे। स्कूल संचालक ने बताया कि उन्होंने स्लीपर बस इसलिए बुक की थी ताकि बच्चे लेटकर जा सकें और सभी बच्चे एक साथ रह सकें। बस का टूर एक सप्ताह का था और स्कूल संचालक ने इसे 1 लाख 80 हजार रुपये में बुक किया था।
बस को पुलिस ने रोकने के बाद भूखे-प्यासे बच्चे देर रात तक ठंड और भूख से तड़पते रहे, क्योंकि आसपास कोई खाने की जगह नहीं थी। मीडिया ने जब इसकी जानकारी कलेक्टर को दी, तो उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर बच्चों को होस्टल भिजवाने का आदेश दिया।












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