ग्वालियर में कहीं 'आप' ने तो नहीं बिगाड़ दिया बीजेपी का गणित
ग्वालियर में बीजेपी की महापौर प्रत्याशी सुमन शर्मा को मिली करारी हार के लिए आम आदमी पार्टी को मिला वोट प्रतिशत भी माना जा रहा है
ग्वालियर, 18 जुलाई। ग्वालियर में कांग्रेस की शोभा सिकरवार ने 57 साल बाद बीजेपी से ग्वालियर नगर निगम की महापौर सीट हथिया ली है। इतने साल तक महापौर सीट पर कब्जा जमाने वाली बीजेपी को कांग्रेस ने इस बार के निकाय चुनाव में बाहर का रास्ता दिखा दिया लेकिन इसके लिए अकेले कांग्रेस को श्रेय देना पूरी तरह ठीक नहीं है, क्योंकि इस बार चुनाव मैदान में उतरी आम आदमी पार्टी ने भी पूरे निकाय चुनाव में 70000 वोट बटोर कर बीजेपी का गणित बिगाड़ दिया है।

आम आदमी पार्टी ने रुचि गुप्ता को बनाया प्रत्याशी
आम आदमी पार्टी ने पहली बार ग्वालियर में नगरीय निकाय चुनाव में पूरी ताकत से साथ चुनाव लड़ा था। आम आदमी पार्टी ने रुचि गुप्ता को महापौर पद का प्रत्याशी बनाया था। इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने शहर के सभी 66 वार्ड में भी अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे थे।
कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी से प्रत्याशी बनी थी रुचि गुप्ता
रुचि गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी से महापौर पद के लिए टिकट मांगा था लेकिन रुचि गुप्ता को टिकट नहीं मिल सका। इसके बाद आम आदमी पार्टी का रुचि गुप्ता से संपर्क हो गया और रुचि गुप्ता आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई। आम आदमी पार्टी ने रुचि गुप्ता को अपना महापौर प्रत्याशी भी तय कर दिया।
रुचि गुप्ता ने 45000 से ज्यादा वोट किए हासिल
आम आदमी पार्टी की महापौर पद की प्रत्याशी रुचि गुप्ता ने पूरी दम के साथ चुनाव लड़ा। शहर के प्रत्येक वार्ड में पहुंचकर रुचि गुप्ता ने चुनाव प्रचार किया और अपने पक्ष में वोट मांगे। इसका नतीजा यह हुआ कि रुचि गुप्ता 45000 से ज्यादा वोट अकेले ही ले गई।
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आम आदमी पार्टी की वजह से बीजेपी को हुआ नुकसान
बीजेपी प्रत्याशी सुमन शर्मा कांग्रेस प्रत्याशी शोभा सिकरवार से महज 28800 वोट से हार गई। इधर आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी रुचि गुप्ता ने 45000 से ज्यादा वोट हासिल कर लिए। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जो वोट आम आदमी पार्टी ने हासिल किया वह बीजेपी को जा सकता था। अगर ऐसा होता तो बीजेपी पार्टी एक बार फिर से ग्वालियर नगर निगम की महापौर सीट पर काबिज हो जाती लेकिन आम आदमी पार्टी ने बीजेपी का पूरा गणित बिगाड़ दिया।
कांग्रेस की टीम बी के रूप में आम आदमी पार्टी ने किया काम
कांग्रेस में इतने साल तक नेत्री के रूप में काम करने वाली रुचि गुप्ता ने अचानक कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थामा और महापौर प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतर आई। 45000 से ज्यादा वोट लेकर उन्होंने बीजेपी का गणित भी बिगाड़ दिया है। इन सब के पीछे यह भी माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस की बी टीम के रूप में काम किया। अचानक से कांग्रेस नेत्री का आम आदमी पार्टी में शामिल होना और फिर महापौर प्रत्याशी बनकर चुनाव मैदान में उतरना कहीं ना कहीं कांग्रेस को लाभ पहुंचाने के लिए ही प्लानिंग के तहत किया गया था। इस बात में कितनी सच्चाई है यह तो कहना मुश्किल है लेकिन आम आदमी पार्टी के इस तरह से चुनाव लड़ने की वजह से बीजेपी को जरूर नुकसान हुआ है।












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