CAA के विरोध में अखिल गोगोई का भाषण राजनीतिक बयान, यूएपीए अपराध नहीं: NIA कोर्ट

नई दिल्ली, 23: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कोर्ट ने असम के शिवसागर विधायक अखिल अखिल गोगोई को नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन के मामले में आपराधिक आरोपों से मुक्त कर दिया है। गोगोई को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम 1967(UAPA) के तहत दर्ज दो मामलों में से एक में बरी किया है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि अखिल गोगोई का भाषण भले ही एक तीखा राजनीतिक बयान हो, लेकिन यूएपीए के तहत अपराध नहीं है।

Akhil Gogoi

अपने आदेश में एनआईए जस्टिक प्रांजल दास ने कहा कि यूएपीए के तहत गोगोई के कार्यों को दंडनीय अपराध के रूप में बांटना के लिए संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या सार्वजनिक अधिकारियों को बाधित करने के लिए कोई उकसाव नहीं था। इस दौरान न्यायाधीश ने कहा कि दंडात्मक प्रावधानों के तहत गोगोई को आरोपित करने के लिए प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत नहीं हैं।

दरअसल, अखिल गोगोई को दिसंबर 2019 में असम के चबुआ पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले को लेकर गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उनके दो सहयोगियों जगतजीत गोहेन और भूपेन गोगोई को भी मामले में यूएपीए के तहत सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है।

सीएए विरोधी प्रदर्शन से जुड़े पहले मामले में राहत

गोगोई के खिलाफ विभिन्न सीएए विरोध प्रदर्शनों में उनकी कथित भागीदारी के लिए दर्ज किए गए 15 मामलों में से यह पहला मामला है, जिसमें उन्हें क्लीन चिट मिली है। हालांकि उनके वकील ने कहा कि गोगोई जेल में रहेंगे क्योंकि उन्हें एनआईए के लंबित मामले में जमानत नहीं दी गई थी। गोगोई पर भीड़ को हिंसा करने के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया था, जिससे संपत्ति और वाहनों को नष्ट करने के अलावा एक पुलिस अधिकारी को गंभीर चोट आई थी।

आपको बता दें कि अखिल गोगोई किसान नेता और आरटीआई एक्टिविस्ट रहे हैं। गोगोई सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन में उनकी भूमिका पर दिसंबर 2019 से जेल में कैद हैं।

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