गुरुग्राम नमाज विवाद: गुरुद्वारे ने मुसलमानों से कहा- हमारे द्वार सबके लिए खुले, आओ आपका स्वागत है
गुरुग्राम। हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सेक्टर-12 में नमाज पढ़े जाने को लेकर दो समुदायों में कई हफ्तों से तनाव व्याप्त है। कुछ हिंदू-संगठनों ने खुले में हर शुक्रवार होने वाली नमाज का विरोध किया, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पुलिस-प्रशासन ने समझौता कराने की कोशिश की। मुस्लिम समुदाय के लोगों से कहा गया है कि, वे विवादित जमीन पर नमाज न पढ़ें। जिसके उपरांत वहां शुक्रवार को पढ़ी जाने वाली नमाज में हिस्सा लेने वालों की तादाद लगभग आधी हो गई। इस बीच एक गुरुद्वारा कमेटी ने मुस्लिम-समुदाय के लोगों को अपने यहां नमाज पढ़ने की पेशकश की है।

गुरुग्राम की गुरुद्वारा सिंह सभा कमेटी की ओर से कहा गया है कि, हमारे 5 गुरुद्वारे हैं- सदर बाजार सब्जी मंडी, सेक्टर 39, सेक्टर 46, जैकबपुरा और मॉडल टाउन। इनमें किसी भी समुदाय के लोग आ सकते हैं। कमेटी के हैरी सिंधु ने कहा, 'हमें यह जानकर दुख हुआ कि गुरुग्राम के एक इलाके में मुस्लिम-समुदाय के लोगों को नमाज से रोका जा रहा है। अब हमारा मुस्लिम-समुदाय के लोगों से कहना हैं कि, वे हमारे यहां आएं और शुक्रवार की नमाज पढ़ें। हैरी सिंधु ने कहा, 'हमारे गुरुद्वारे के दरवाजे हमेशा सबके लिए खुले हैं। अगर मुसलमानों को शुक्रवार की नमाज पढ़ने के लिए जगह ढूंढने में परेशानी आ रही है, तो उनका स्वागत है। हमारे यहां आएं।'
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गुरुद्वारे के स्थानीय एसोसिएशन ने बताया कि, उनके हर गुरुद्वारे में हजार लोगों की क्षमता है। यदि कोई अपने ईष्ट की पूजा-अराधना या नमाज करना चाहता है तो उन अनुयायियों को छोटे समूहों में यहां आने की इजाजत है। एसोसिएशन के मुताबिक, लोगों को बस कोविड नियमों को फॉलो करना होगा। एसोसिएशन के एक पदाधिकारी ने कहा कि, वह नमाजियों को छोटे समूहों में नमाज अदा करने की अनुमति देने के लिए प्रशासन से संपर्क करेगा।

वहीं, गुरुग्राम में तनाव की स्थिति को देखते हुए पिछले शुक्रवार को शहर में खुले में नमाज अदा करने की संख्या घटकर 37 से 20 रह गई। वहीं, सिरहौल में प्रदर्शन के बाद यह संख्या 19 हो गई। उधर, एक स्थानीय हिंदू-दुकानदार ने मुस्लिमों को कहा है कि, यदि उन्हें कोई दिक्कत हो रही है तो वे ओल्ड गुड़गांव में अपनी एक खाली पड़ी दुकान को नमाज पढ़ने के लिए दे देंगे। यह पेशकश अक्षय राव की ओर से की गई है, जो कि पेशे से एक वाइल्ड लाइफ टूर ऑर्गनाइजर हैं। वह ओल्ड गुड़गांव के मकैनिक मार्केट में कई दुकानों के मालिक हैं।
राव का कहना है कि, उनकी दुकानों के ज्यादातर किरायेदार मुस्लिम हैं और उन्हें जुमे की नमाज पढ़ने के लिए कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में उनकी परेशानियों को देखते हुए अपनी एक खाली पड़ी दुकान में नमाज पढ़ने को दे दी है। उस जगह में एक साथ 15 से 20 लोग नमाज पढ़ सकते हैं।












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