विदा हुए मानसून ने ली करवट, गुजरात की 86 तहसीलों में पानी बरसा, मूंगफली-सोयाबीन की फसलें हुईं तबाह
अहमदाबाद। विदाई ले चुके मानसून ने करवट ली और गुजरात की 80 से ज्यादा तहसीलों में बारिश हुई। इस बारिश से किसानों की सोयाबीन, मूंगफली एवं अन्य दाल वाली फसलों को नुकसान पहुंचा। संवाददाता ने बताया कि, पिछले 24 घंटे में ही 86 तहसीलों में 1 से लेकर 3 इंच तक वर्षा दर्ज की गई। सर्वाधिक 78 मिलीमीटर बारिश कच्छ के अंजार में हुई। वहीं, उत्तर व दक्षिण गुजरात के विविध क्षेत्रों में भी मेघ बरसे। इस बेमौसम बारिश से कई जिलों के किसानों ने नुकसान झेला है। कुछ किसानों ने अपनी फसल ही फूंक डाली। जबकि, कुछ ने खेत पुन: जोत दिए।

मौसम विभाग का कहना है कि, उत्तर गुजरात के महेसाणा जिले की वीजापुर तहसील में 51, महेसाणा में 15, साबरकांठा जिले की प्रान्तिज में 23, हिम्मतनगर में 21 एवं तलोद में 15 मिलीमीटर बारिश हुई। इसके अलावा दक्षिण गुजरात के भरुच की नेत्रांग तहसील में 54, वाग्रा में 11, नर्मदा जिले की सागबारा तहसील में 45, डेडियापाड़ा में 11 व गरुडेश्वर में 10 मिलीमीटर बारश हुई है।

साथ-साथ तापी की व्यारा तहसील में 51, डोलवान में 32, सोनगढ़ में 18, उच्छल में 12, सूरत के बारडोली में 66, उमरपाड़ा में 30, डांग जिले की वाघई में 41 तथा डांग (आहवा) में 32 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। अन्य कई तहसीलों में बूंदाबांदी हुई, तो कच्छ की अंजार तहसील में 78 मिलीमीटर बारिश के अलावा गांधीधाम में 65, अबडासा में 37 और भुज में 36 मिलीमीटर बारिश हुई है।

खबर आ रही हैं कि दक्षिण गुजरात में मूंगफली के दाने खेतों में पड़े हुए थे, तभी बारिश आ गई। जिससे लाखों रुपए की फसल खराबी के कगार पर पहुंच गई। अब उन किसानों द्वारा राज्य सरकार से सहायता मांगी जा रही है। वहीं, कई जगहों पर किसानों ने खुद अपनी फसल में आग लगा दी, क्योंकि उसे कुछ बचत ही नहीं हो पा रही थी।












Click it and Unblock the Notifications